Madhya Pradesh News: आए दिन कुछ ना कुछ ऐसी खबरें, आती हैं जो लोगों को हैरान कर देती हैं. ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के गुना जिले से सामने आया है. जहां एक युवक को मृत समझकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. इसके बाद वह व्यक्ति पोस्टमार्टम होने से पहले जिंदा हो उठा और बिना कपड़ों के बाहर भागा. जब वहां के लोगों ने देखा, तो सब हैरान रह गए. ये मामला आस पास के एरिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. हालांकि, सीएमएचओ ने इसे झूठी खबर बताया. जानिए पूरा मामला और सच.
क्या है मामला?
एमपी के गुना जिले का ये पूरा मामला है. पीड़ित का नाम जॉन पारदी बताया जा रहा है. युवक ने बताया कि बीते 11 मार्च को डिप्रेशन के कारण उसने सल्फास की गोली खा ली थी. जानकारी के मुताबिक युवक का किसी से प्रेम प्रंसग चल रहा था. इसी से परेशान होकर उसने ये कदम उठाया था.
बेहोश की अवस्था में ले जाया गया अस्पताल
सल्फाश की गोली खाने के बाद युवक बेहोश हो गया, फिर उसे गुना जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज किया जा रहा था.
युवक ने लगाया आरोप
युवक ने बीते 18 मार्च को एक वीडियो जारी कर जिला अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए. उसका कहना है कि वह जिंदा था, लेकिन बेहोशी की हालत में डॉक्टरों ने उसे मृत समझकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. उसने बताया कि वहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होने ही वाली थी, तभी उसे होश आ गया और वह बिना कपड़ों के ही वहां से भाग निकला.
ये आरोप गलत है
सीएमएचओ राजकुमार ऋषिश्वर ने इन आरोपों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि न तो डॉक्टरों का नाम सामने आया है और न ही कोई दस्तावे. अगर कोई सबूत मिलता है, तो जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि युवक को 11 मार्च को जहर खाने के बाद भर्ती कराया गया था. पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पुलिस के जरिए तय होती है और जरूरी फॉर्म भरने के बाद ही डॉक्टर यह करते हैं. बिना प्रमाण के किसी की साख पर सवाल नहीं उठाया जा सकता.