Naseemuddin Siddiqui Resign From Congress: उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाला है. इससे पहले कांग्रेस पार्टी को तगड़ा झटका लगा है. जानकारी सामने आ रही है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. सिद्दीकी पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में थे, लेकिन उन्होंने BSP छोड़कर कांग्रेस से नाता जोड़ लिया था. अब उन्होंने कांग्रेस भी छोड़ दी है. उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का करीबी माना जाता है. विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं, लेकिन राज्य में आने वाले महीनों में पंचायत चुनाव भी होने हैं.
सिद्दीकी के इस फैसले से उत्तर प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. जब नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने BSP छोड़ी थी, तो कांग्रेस ने उनके पार्टी में शामिल होने को एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के तौर पर पेश किया था.
सिद्दीकी के आजाद समाज पार्टी में जाने की अटकलें (Speculation about Siddiqui joining the Azad Samaj Party)
उम्मीद जताई जा रही थी कि सिद्दीकी के आने से कांग्रेस का मुस्लिम वोट बैंक मजबूत होगा और संगठन को भी मदद मिलेगी. हालांकि, यह उम्मीद जल्द ही खत्म होती दिखी. सिद्दीकी का कहना है कि उन्होंने निजी कारणों से पार्टी छोड़ने का फैसला किया है. हालांकि, राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह सांसद चंद्रशेखर आज़ाद रावण के नेतृत्व वाली आज़ाद समाज पार्टी (कांशी राम) में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, उन्होंने अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
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कांग्रेस पार्टी पर क्या असर पड़ेगा? (What impact will this have on the Congress party?)
यह इस्तीफा कांग्रेस के लिए खासकर महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी पहले से ही उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है. एक अनुभवी नेता के जाने से उनके चुनावी संभावनाओं को और कमजोर कर सकता है. विपक्षी दल इस घटना को कांग्रेस की अंदरूनी कमजोरियों से जोड़ रहे हैं.
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने क्या कहा? (What did Naseemuddin Siddiqui say?)
कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. जिसमें उन्होंने कहा कि मुझे किसी से कोई नाराजगी नहीं है. मैं खड़गे, राहुल, प्रियंका और सोनिया गांधी का सम्मान करता हूं और करता रहूंगा. मेरे लिए वहां कोई काम नहीं था. मैं एक जमीनी कार्यकर्ता हूं. आठ साल तक मैं जमीनी स्तर पर काम नहीं कर पाया. मैं कभी हाई-प्रोफाइल नेता नहीं रहा और न ही अब हूं, इसलिए मैं जमीनी स्तर पर काम करना चाहता हूं, इसीलिए मैंने कांग्रेस पार्टी छोड़ी.
मीडिया विभाग का प्रमुख बनना जमीनी काम नहीं है. किसी को कमेटी का सदस्य बनाना जमीनी काम नहीं है… मैंने नेताओं से कहा था कि मैं संगठन का आदमी हूं. अब, बहुत सी बातें हैं जो कही नहीं जा सकतीं.