Noida Labour Protest: नोएडा के फेज 2 इंडस्ट्रियल एरिया में कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर किया गया विरोध प्रदर्शन आगज़नी, पत्थरबाज़ी और तोड़फोड़ में बदल गया. इसके चलते भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा और पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई. मज़दूरों के कई ग्रुप इकट्ठा हुए और उन्होंने इंडस्ट्रियल इलाकों की मुख्य सड़कों को जाम कर दिया, खासकर सेक्टर 1, 60 और 84 में.
जैसे ही यह आंदोलन तीसरे दिन में पहुंचा, मजदूरों पर आरोप लगे कि उन्होंने गाड़ियों में आग लगाई, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और झड़पों के दौरान पत्थरबाजी की.
पुलिस ने किया बल का प्रयोग
पुलिस ने कुछ इलाकों में भीड़ को तितर-बितर करने और हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए बल का इस्तेमाल किया. अधिकारियों ने बताया कि हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. हालात को सामान्य बनाने की कोशिशें जारी हैं.
नोएडा प्रोटेस्ट में अब तक क्या-क्या हुआ?
- नोएडा के फेज-2, सेक्टर 60, सेक्टर 62 और सेक्टर 84 में मुख्य रूप से विरोध प्रदर्शन हुआ. मदरसन नाम की एक कंपनी के पास प्रदर्शन खास तौर पर हिंसक हो गया.
- नोएडा की अलग-अलग कंपनियों में काम करने वाले मजदूर कम वेतन, बढ़ती महंगाई, काम करने की खराब स्थितियों और लंबे समय से लटकी मांगों को लेकर नाराज थे. वे वेतन बढ़ाने और काम करने के बेहतर माहौल की मांग कर रहे थे.
- बताया जा रहा है कि शुरुआत में मजदूरों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था. लेकिन पुलिस के साथ झड़प के बाद मजदूरों ने पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दीं.
- नोएडा प्रदर्शन की वजह से संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है. कई गाड़ियों में आग लगा दी गई है. पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं. एक कार पूरी तरह से जलकर राख हो गई. पुलिस की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा.
- विरोध प्रदर्शनों की वजह से दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया. सड़कों पर कई किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतारें लग गईं.
- नेशनल हाईवे-9 और नोएडा लिंक रोड (चिल्ला बॉर्डर के रास्ते) बंद कर दिए गए. फरीदाबाद तक भी ट्रैफिक की आवाजाही बाधित हुई.
- जैसे ही प्रदर्शन की घटना सामने आई पुलिस ने नोएडा के अलग-अलग इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है. कम से कम बल का इस्तेमाल करके स्थिति को काबू में लाने की कोशिशें की गईं.
- वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. बैरिकेड लगाए गए और सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई. कम से कम बल का इस्तेमाल करके स्थिति को काबू में लाने की कोशिशें की गईं. प्रदर्शनकारियों से हिंसा न करने की अपील की गई.
- नोएडा में आंदोलन को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि कंपनियों के कर्मचारियों के लिए मानकों को लागू किया जाए.
- पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है. चिल्ला बॉर्डर को फिर से खोल दिया गया है. प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफ़वाहों पर ध्यान न दें, और हालात सामान्य करने के प्रयास जारी हैं.
- विरोध प्रदर्शनों के हिंसक हो जाने के बाद सीेएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जो लोग कानून को अपने हाथ में लेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. राज्य में जो भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसे जेल भेजा जाएगा.