Yuvraj Mehta Death Latest News: 27 साल के युवराज मेहता की मौत के मामले में एक बिल्डर को गिरफ्तार किया गया है। युवराज की मौत तब हुई जब उनकी SUV कंस्ट्रक्शन के लिए खोदे गए एक गड्ढे में गिर गई, जो पानी से भरा हुआ था. इस पूरे मामले पर नोएडा पुलिस का बयान सामने आया है. जिसमें कहा गया है कि उन्होंने विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिकों में से एक अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और दूसरे मालिक मनीष कुमार की तलाश कर रहे हैं.
युवराज मेहता की कैसे हुई थी मौत? (How did Yuvraj Mehta die?)
नोएडा के सेक्टर 150 में 2021 में एक मॉल के बेसमेंट एरिया के कंस्ट्रक्शन के लिए 20 फुट गहरा गड्ढा खोदा गया था, लेकिन उसके अगले साल से उसमें पानी भर गया था. जिसमें डूबने से युवराज मेहता की मौत हो गई थी. मेहता की मौत के बाद उनके पिता की शिकायत के आधार पर विस्टाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन्स के खिलाफ फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई. लोटस ग्रीन्स ने बाद में दावा किया था कि उन्होंने 2019-2020 में नोएडा अथॉरिटी की मंज़ूरी से यह प्रोजेक्ट विस्टाउन प्लानर्स और गृहप्रवेश ग्रुप को बेच दिया था.
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युवराज के पिता ने क्या कहा? (What did Yuvraj’s father say?)
युवराज के पिता राज मेहता का कहना है कि उनके बेटे की मौत सिस्टम की लापरवाही से हुई है. 27 साल के युवराज को तैरना नहीं आता था. उनकी कार पानी से भरे गड्ढे में गिरने के बाद वह किसी तरह गाड़ी से बाहर निकले और मदद के लिए चिल्लाते हुए उसकी छत पर चढ़ गए. लेकिन नोएडा जैसे सिस्टमैटिक तरीके से प्लान किए गए शहर में भी युवा इंजीनियर की जान बचाने के लिए कोई असरदार कदम नहीं उठाए गए। इस मामले में UP सरकार ने अब नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम. को हटा दिया है.
युवराज मेहता की मौत मामले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई? (What action has been taken so far in the Yuvraj Mehta death case?)
सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने 2005 बैच के IAS अधिकारी नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम को हटा दिया और मौत की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाने का भी आदेश दिया. लोकेश एम ने एक दिन पहले ही एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया था और सेक्टर 150 में सड़क और ट्रैफिक से जुड़े कामों की देखरेख के लिए ज़िम्मेदार अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे.