दिल्ली सरकार ने हाल ही में प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने और विभिन्न विभागों को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फेरबदल किया है. इसी के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने 20 से ज्यादा आईएएस और डैनिक्स (DANICS दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा) अधिकारियों के तबादले और नई पोस्टिंग की लिस्ट जारी की है.
यह फेरबदल उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू हुआ है और दिल्ली प्रशासन में कामकाज की नई रफ़्तार और जवाबदेही को दिखाता है. इस फेरबदल में कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और नगर नियोजन जैसे सेंसिटिव सेक्टर में अनुभवी हाथों की उपस्थिति बढ़ेगी.
किनका हुआ तबादला?
सीनियर IAS प्रशांत गोयल और नरेंद्र कुमार का भी ट्रांसफर हुआ है और उन्हें अहम जिम्मेदारी दी गई है. ट्रांसफर ऑर्डर के तहत डॉ. नरेंद्र कुमार को फाइनेंस कमिश्नर बनाया गया है. वहीं प्रशांत गोयल को फूड एंड सिविल सप्लाई में अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाया गया है. साथ ही प्रशांत गोयल को DFC और DSCSC के CMD का जिम्मा भी दिया गया है. इसके अतिरिक्त हर्षित जैन को विधानसभा में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि मंगल सैनी को केंद्रीय कारागार का सुपरिटेंडेंट नियुक्त किया गया है.
उत्तर पश्चिम जिले का डीएम सौम्या सौरभ को बनाया गया है. साथ ही उन्हें उद्योग विभाग में भी तैनाती दी गई है. इसके अलावा अधिकारी नवलेंद्र कुमार सिंह को GST एडिशनल कमिश्नर और सोनिका सिंह को DDA में कमिश्नर बनाया गया है. कुछ अधिकारियों को नए विभागों के सचिव और आयुक्त के तौर पर लगाया गया है, जबकि कई लोगों को एक्सट्रा‑चार्ज या अलग‑अलग योजनाओं के लिए विशेष जिम्मेदारी दी गई है. मुकेश कुमार, आशीष शौकीन, मनोज कुमार, भूप सिंह और अश्विनी कुमार समेत कई अफसरों को नई नियुक्ति मिली है. इन ट्रांसफर्स में ऐसे भी अधिकारी शामिल हैं, जिनकी नई पोस्टिंग लंबे समय से लंबित थी और जिन्हें सरकार अब आगे बढ़ाकर दिखाया है.
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए हुआ फेरबदल
सरकार का मानना है कि यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल दिल्ली की डबल डेकर सरकार व्यवस्था में भी स्पष्टता लाएगा. इससे सेवा डिलिवरी और निर्णय‑निर्माण में देरी कम होने की उम्मीद जताई जा रही है. नए आदेश के तहत अधिकारियों को अपने नए पोस्टिंग विभाग पर जल्द से जल्द रिपोर्ट करने को कहा गया है, ताकि बदलाव जल्दी से दिखने लगे. इस फेरबदल का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत तबादले नहीं, बल्कि प्रशासन को ज़्यादा जवाबदेह, तेज और जन‑उन्मुख बनाना है.