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पत्रकार रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस: हाई कोर्ट से डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बड़ी राहत, आरोपों से बरी

Ramchandra Chhatrapati Murder Case: पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया. अदालत ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को इस मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया है.

Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: 2026-03-07 10:40:44

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Gurmeet Ram Rahim: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया. इससे पहले इस केस में CBI की विशेष अदालत ने डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. विशेष सीबीआई अदालत ने 11 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपित हत्याकांड में गुरमीत सिंह को दोषी करार दिया था, जबकि 17 जनवरी 2019 को उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.

फैसले को दी थी चुनौती

इस फैसले को चुनौती देते हुए गुरमीत सिंह और अन्य सह-आरोपियों ने हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी. मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने पहले फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर अब अंतिम निर्णय सुनाया गया है. इस फैसले के बाद मामले में नया कानूनी मोड़ आ गया है. 

क्या है पूरा मामला?

यह मामला पत्रकार रामचंद्र छत्रपित की सनसनीखेज हत्या से जुड़ा है, जिसने उस समय पूरे देश में हलचल मचा दी थी. पत्रकार छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदे से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों को प्रकाशित किया था. इन खुलासों के बाद वर्ष 2002 में अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. इस वारदात ने पूरे इलाके में भारी आक्रोश और चर्चा को जन्म दिया. जब मामला तूल पकड़ने लगा, तो बाद में इसकी जांच Central Bureau of Investigation (सीबीआई) को सौंप दी गई, जिसके बाद इस हत्याकांड की गहन पड़ताल शुरू हुई. 

इस मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में आरोपी बनाया गया था. सीबीआई की विशेष अदालत ने बहुत दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद मामले में डेरा सच्चा सौदा के कर्ताधर्ता राम रहीम सहित अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसी मामले पर अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है. 

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Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: 2026-03-07 10:40:44

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Gurmeet Ram Rahim: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया. इससे पहले इस केस में CBI की विशेष अदालत ने डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. विशेष सीबीआई अदालत ने 11 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपित हत्याकांड में गुरमीत सिंह को दोषी करार दिया था, जबकि 17 जनवरी 2019 को उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.

फैसले को दी थी चुनौती

इस फैसले को चुनौती देते हुए गुरमीत सिंह और अन्य सह-आरोपियों ने हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी. मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने पहले फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर अब अंतिम निर्णय सुनाया गया है. इस फैसले के बाद मामले में नया कानूनी मोड़ आ गया है. 

क्या है पूरा मामला?

यह मामला पत्रकार रामचंद्र छत्रपित की सनसनीखेज हत्या से जुड़ा है, जिसने उस समय पूरे देश में हलचल मचा दी थी. पत्रकार छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदे से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों को प्रकाशित किया था. इन खुलासों के बाद वर्ष 2002 में अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. इस वारदात ने पूरे इलाके में भारी आक्रोश और चर्चा को जन्म दिया. जब मामला तूल पकड़ने लगा, तो बाद में इसकी जांच Central Bureau of Investigation (सीबीआई) को सौंप दी गई, जिसके बाद इस हत्याकांड की गहन पड़ताल शुरू हुई. 

इस मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में आरोपी बनाया गया था. सीबीआई की विशेष अदालत ने बहुत दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद मामले में डेरा सच्चा सौदा के कर्ताधर्ता राम रहीम सहित अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसी मामले पर अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है. 

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