<
Categories: पंजाब

London Marathon: 80 साल की उम्र में ये कारनामा, अब भी नहीं रुके कदम, फौजा सिंह से मिली ऐसी प्रेरणा

London Marathon: 80 वर्षीय ब्रिटिश सिख फौजा सिंह से प्रेरित होकर, वह 26 अप्रैल को पहली बार लंदन मैराथन में दौड़ने के लिए तैयार हैं. जानिए कैसे शुरू हुआ यह सफर.

London Marathon: फौजा सिंह से प्रेरित होकर, जिन्होंने शुरू में उन्हें चलना शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया था. एक 80 वर्षीय ब्रिटिश सिख व्यक्ति 26 अप्रैल को पहली बार लंदन मैराथन में हिस्सा लेंगे.

फंड जुटाने का मकसद

बलदेव सिंह बैंस ‘फौजा सिंह क्लबहाउस’ के लिए फंड जुटाने के मकसद से एक मैराथन दौड़ रहे हैं. यह क्लबहाउस रेडब्रिज में फौजा की याद में ठीक उसी रास्ते पर बनाया जा रहा है, जहां फौजा दौड़ा करते थे. फौजा, जो दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक थे, पिछले जुलाई में 114 साल की उम्र में गुजर गए. उनके पैतृक गांव, ब्यास पिंड में एक कार से टकराने के बाद उनकी मृत्यु हो गई थी.

फौजा ने दी सलाह

फौजा सिंह ने 80 साल की उम्र में दौड़ना शुरू किया था और 89 साल की उम्र में अपनी पहली मैराथन पूरी की थी. बलदेव फौजा को जानते थे, क्योंकि वे दोनों लंदन के एक ही इलाके रेडब्रिज में रहते थे और एक ही गुरुद्वारे में जाते थे. बलदेव ने कहा, “जब फौजा ने अपनी दौड़ में सुधार किया, तो मैंने भी अपनी सेहत सुधारने का फैसला किया. फौजा ने मुझे सलाह दी कि मैं पहले पैदल चलना शुरू करूं, फिर दौड़ना, अपने खान-पान में बदलाव करूं और अपनी सोच को सकारात्मक रखूं.

लगभग सभी दवाएं बंद

फौजा की सलाह मानकर, उन्होंने रेडब्रिज के बाहरी इलाके में, बील हाई स्कूल के पास चलना शुरू कर दिया. “उस समय, मैं मोटापे के साथ-साथ डायबिटीज और दूसरी बीमारियों के लिए भी दवाएं ले रहा था. अब मैंने 30 किलोग्राम वजन कम कर लिया है, और कहते हैं कि डॉक्टर ने मेरी लगभग सभी दवाएं बंद कर दी हैं.

फौजा क्लबहाउस बनाने की मंज़ूरी

पिछले साल, बलदेव ने फौजा के कोच, हरमंदर सिंह को उन्हें ट्रेनिंग देने के लिए रखा. हरमंदर सिंह ‘सिख्स इन द सिटी’ रनिंग क्लब के भी सदस्य हैं, जहां फौजा ट्रेनिंग किया करते थे. 66 साल के हरमंदर एक क्लबहाउस के लिए पैसे जुटाने के मकसद से लंदन मैराथन में भी दौड़ रहे हैं; इस क्लबहाउस की लागत लगभग £1 मिलियन होने का अनुमान है. क्लबहाउस बनाने की मंज़ूरी 1 अप्रैल को मिली जो फौजा का 115वां जन्मदिन होता.

बलदेव सिंह कहां के हैं?

बलदेव का जन्म पंजाब के होशियारपुर जिले की गढ़शंकर तहसील के थाना गांव में हुआ था. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और उसके बाद ब्रिटेन चले गए. बलदेव का कहना है कि, “जिस तरह फौजा ने मेरी मदद की, मुझे उम्मीद है कि इससे दूसरों को भी उम्मीद बढ़ेगी.

Share
Published by

Recent Posts

12 जुलाई को जयपुर में होगा ‘प्राइड ऑफ राजस्थान अवॉर्ड्स 2026’, कीर्ति कुल्हारी होंगी मुख्य अतिथि

राजस्थान की प्रतिभाओं, उद्योग जगत के दिग्गजों और नवाचार के नायकों का होगा भव्य सम्मान…

Last Updated: June 19, 2026 18:07:17 IST

18 जुलाई को लखनऊ में होगा ‘नेशनल बिजनेस अवॉर्ड्स 2026’, आम्रपाली दुबे होंगी मुख्य आकर्षण

लखनऊ (उत्तर प्रदेश), 15 जून:: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले उद्यमियों,…

Last Updated: June 19, 2026 17:52:21 IST

उमरपाड़ा में लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर का शुभारंभ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगा नया आधार

सूरत (गुजरात) [भारत], 19 जून: उमरपाड़ा में लीलाबेन मोहनलाल शाह विद्या मंदिर का भव्य उद्घाटन…

Last Updated: June 19, 2026 11:07:15 IST

अजय्स कैफे ने भुज में पहला आउटलेट शुरू कर कच्छ में किया प्रवेश, जल्द खुलेंगे 8 से 10 नए कैफे

गुजरात में 272 आउटलेट्स के साथ कच्छ में विस्तार, क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और पूरे…

Last Updated: June 19, 2026 10:52:13 IST

चेहरे की खूबसूरती बिगाड़ते हैं डार्क सर्कल्स, ये होममेड आई पैक दूर कर देगा परेशानी, ऐसे करें अप्लाई

Homemade Eye Pack: आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स आज सिर्फ महिलाओं ही…

Last Updated: June 18, 2026 20:02:11 IST

स्कूल में मिले, कॉलेज में प्यार, 10 साल की डेटिंग, फिर रचाई शादी, भारतीय क्रिकेटर की लव स्टोरी

आर अश्विन और प्रीति नारायणन की लव स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं है. यह…

Last Updated: June 19, 2026 17:31:16 IST