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Kamal Kaur Bhabhi Murder Case: पंजाब के बठिंडा के बहुचर्चित सोशल मीडिया इन्फलुएंसर कमल कौर भाभी हत्याकांड में फरार अमृतपाल मेहरों को पुलिस ने दुबई में गिरफ्तार कर वापस पंजाब लें आए है. शुक्रवार सुबह, जांच एजेंसी ने अमृतपाल मेहरों को पंजाब पुलिस की एक टीम को सौंप दिया.
इसके बाद, DSP (सिटी) ने अपनी पुलिस टीम के साथ आरोपी को दिल्ली हवाई अड्डे से बठिंडा पहुंचाया. इस बीच, DSP (सिटी-2) और बठिंडा से पहुंची एक पुलिस टीम दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंच गई है और बठिंडा के लिए रवाना भी हो चुकी है.
कमल भाभी की हत्याकांड का क्या है पूरा मामला?
यह मामला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी, जिन्हें ‘कमल भाभी’ के नाम से भी जाना जाता था की हत्या से जुड़ा है, जो पिछले साल जून में हुई थी. उनका शव चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित एक निजी अस्पताल की पार्किंग में खड़ी एक कार के अंदर मिला था. कंचन ‘कमल कौर भाभी’ नाम से एक इंस्टाग्राम अकाउंट चलाती थीं. कंचन कुमारी लुधियाना की लक्ष्मण बस्ती की रहने वाली थीं.
3 महीने से रच रहें थे हत्या की साजिश
10 जून को हत्या होने के बाद, 11 जून को कंचन का शव उनकी कार से बरामद किया गया था. पुलिस पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों ने खुलासा किया कि अमृतपाल मेहरों और उसके साथी कंचन की हत्या की तैयारी के लिए तीन महीने से तैयारी कर रहे थे. घटना से कुछ दिन पहले, अमृतपाल, अपने साथियों के साथ कंचन के घर के पास स्थित एक होटल में रुका भी था. इसके बाद, 8 जून को अमृतपाल ने कंचन से संपर्क किया और उन्हें बताया कि एक कार का प्रमोशन करने के लिए उन्हें बठिंडा जाना होगा.
कार से बठिंडा पहुंची थी कंचन
9 जून को, कंचन अपनी ही कार से लुधियाना से बठिंडा गईं. वहां, अमृतपाल मेहरों, जसप्रीत सिंह और निमरतजीत सिंह कंचन से मिले और उनकी गाड़ी में बैठ गए. सबसे पहले, तीनों आरोपी कंचन की कार को भुच्चो के पास एक गैरेज में ले गए, जहां उन्होंने रात 12:30 बजे तक उसकी मरम्मत करवाई. इसके बाद, उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो SUV एक पेट्रोल पंप पर खड़ी कर दी और कंचन को साथ लेकर वे चारों उनकी कार में आगे बढ़ गए. आरोपी द्वारा किए गए खुलासों के अनुसार, अमृतपाल मेहरो कंचन की कार चला रहा था.
बेल्ट का इस्तेमाल करके कंचन का गला घोंटा
जसप्रीत और निमरतजीत कार की पिछली सीट पर कंचन के साथ बैठे थे. पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि अमृतपाल के निर्देशों पर काम करते हुए, उन्होंने सबसे पहले कंचन के दोनों मोबाइल फोन छीन लिए और उनके पासवर्ड मांगे; जब कंचन ने पासवर्ड देने से इनकार कर दिया, तो उन दोनों ने अमृतपाल के कहने पर उस पर हमला कर दिया. इसके बाद, कार के अंदर एक सुनसान जगह पर, उन्होंने कमर की बेल्ट का इस्तेमाल करके कंचन का गला घोंट दिया, और इस तरह उसकी हत्या कर दी.