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राबड़ी देवी से लेकर शांभवी चौधरी तक…बिहार की इन 5 महिलाओं के नाम दर्ज है अनोखा रिकॉर्ड

Bihar Five Women Records: बिहार की धरती से महिला और पुरुषों ने ऐसे-ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं. जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है. ऐसे में आज हम उन 5 खास महिलाओं के बारे में बताएंगे. जिनके नाम अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 4, 2026 18:53:38 IST

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Bihar Five Women Records: बिहार की धरती में प्रतिभा की कमी नहीं है. बिहार को भले ही देश में सबसे पिछड़ा प्रदेश माना जाता हो लेकिन यहां की महिला और पुरुषों ने हर क्षेत्र में झंडे गाड़े हैं. जिन्होंने अपनी असाधारण क्षमताओं के बल पर राज्य और वास्तव में पूरी दुनिया का गौरव बढ़ाया है.

आज हम बिहार की 5 ऐसी महिलाओं की चर्चा करेंगे. जिन्होंने राजनीति से लेकर कला तक के विभिन्न क्षेत्रों में अनोखे रिकॉर्ड दर्ज किए हैं.

बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी

बिहार की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद ही राबड़ी देवी का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया और वो बिहार की महिला मुख्यमंत्री बन गईं. उनका राजनीति में जिस तरह से प्रवेश हुआ वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था. राजनीति में आने से पहले उनका राजनीति से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था. वो एकदम विशुद्ध घरेलू महिला थीं.

बिहार की पहली महिला उपमुख्यमंत्री रेणु देवी

वरिष्ठ भाजपा नेता रेणु देवी के नाम भी एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज है. रेणु देवी को बिहार की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त है. उन्होंने जमीनी स्तर की राजनीति के माध्यम से अपनी पहचान बनाई और आगे चलकर बिहार सरकार के भीतर कई महत्वपूर्ण पदों की ज़िम्मेदारियां संभालीं. रेणु देवी ने बिहार राज्य सरकार में खेल, कला और संस्कृति मंत्री के रूप में कार्य किया. उन्होंने 2014 से 2020 के बीच भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं.

दिवंगत शारदा शिन्हा के नाम खास रिकॉर्ड दर्ज

दिवंगत शारदा सिन्हा, जिन्हें प्यार से बिहार की कोकिला भी कहा जाता था. उन्होंने लोक संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई. वह बिहार की पहली महिला हैं. जिन्हें कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण (मरणोपरांत) जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से नवाजा गया.

केंद्र में मंत्री बनने वाली बिहार की पहली महिला सुमित्रा देवी

सुमित्रा देवी का बिहार की राजनीति में बहुत ऊंचा स्थान था. उन्हें बिहार की पहली महिला केंद्रीय मंत्री होने का गौरव प्राप्त है. बाबू जगजीवन राम की समकालीन रहीं सुमित्रा देवी ने सामाजिक सुधारों में अपने योगदान से एक अमिट छाप छोड़ी. 22 जुलाई, 1923 को जन्मी सुमित्रा देवी अब हमारे बीच नहीं हैं; उन्होंने 28 अगस्त, 1990 को अंतिम सांस ली.

बिहार की सबसे कम उम्र की महिला सांसद शांभवी चौधरी

बिहार सरकार के मंत्री प्रो. अशोक कुमार चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी के नाम भी एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है. शांभवी चौधरी के नाम बिहार की सबसे कम उम्र की महिला सांसद (MP) बनने का रिकॉर्ड है. वह 25 साल की उम्र में सांसद बनीं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शांभवी चौधरी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में समस्तीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर सांसद बनीं. इसके अलावा, शांभवी चौधरी 18वीं लोकसभा की सबसे कम उम्र की सांसदों में से एक हैं. 

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Written By: Sohail Rahman
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Bihar Five Women Records: बिहार की धरती में प्रतिभा की कमी नहीं है. बिहार को भले ही देश में सबसे पिछड़ा प्रदेश माना जाता हो लेकिन यहां की महिला और पुरुषों ने हर क्षेत्र में झंडे गाड़े हैं. जिन्होंने अपनी असाधारण क्षमताओं के बल पर राज्य और वास्तव में पूरी दुनिया का गौरव बढ़ाया है.

आज हम बिहार की 5 ऐसी महिलाओं की चर्चा करेंगे. जिन्होंने राजनीति से लेकर कला तक के विभिन्न क्षेत्रों में अनोखे रिकॉर्ड दर्ज किए हैं.

बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी

बिहार की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद ही राबड़ी देवी का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया और वो बिहार की महिला मुख्यमंत्री बन गईं. उनका राजनीति में जिस तरह से प्रवेश हुआ वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था. राजनीति में आने से पहले उनका राजनीति से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था. वो एकदम विशुद्ध घरेलू महिला थीं.

बिहार की पहली महिला उपमुख्यमंत्री रेणु देवी

वरिष्ठ भाजपा नेता रेणु देवी के नाम भी एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज है. रेणु देवी को बिहार की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त है. उन्होंने जमीनी स्तर की राजनीति के माध्यम से अपनी पहचान बनाई और आगे चलकर बिहार सरकार के भीतर कई महत्वपूर्ण पदों की ज़िम्मेदारियां संभालीं. रेणु देवी ने बिहार राज्य सरकार में खेल, कला और संस्कृति मंत्री के रूप में कार्य किया. उन्होंने 2014 से 2020 के बीच भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं.

दिवंगत शारदा शिन्हा के नाम खास रिकॉर्ड दर्ज

दिवंगत शारदा सिन्हा, जिन्हें प्यार से बिहार की कोकिला भी कहा जाता था. उन्होंने लोक संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई. वह बिहार की पहली महिला हैं. जिन्हें कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण (मरणोपरांत) जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से नवाजा गया.

केंद्र में मंत्री बनने वाली बिहार की पहली महिला सुमित्रा देवी

सुमित्रा देवी का बिहार की राजनीति में बहुत ऊंचा स्थान था. उन्हें बिहार की पहली महिला केंद्रीय मंत्री होने का गौरव प्राप्त है. बाबू जगजीवन राम की समकालीन रहीं सुमित्रा देवी ने सामाजिक सुधारों में अपने योगदान से एक अमिट छाप छोड़ी. 22 जुलाई, 1923 को जन्मी सुमित्रा देवी अब हमारे बीच नहीं हैं; उन्होंने 28 अगस्त, 1990 को अंतिम सांस ली.

बिहार की सबसे कम उम्र की महिला सांसद शांभवी चौधरी

बिहार सरकार के मंत्री प्रो. अशोक कुमार चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी के नाम भी एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है. शांभवी चौधरी के नाम बिहार की सबसे कम उम्र की महिला सांसद (MP) बनने का रिकॉर्ड है. वह 25 साल की उम्र में सांसद बनीं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शांभवी चौधरी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में समस्तीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर सांसद बनीं. इसके अलावा, शांभवी चौधरी 18वीं लोकसभा की सबसे कम उम्र की सांसदों में से एक हैं. 

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