Live TV
Search
Home > राज्य > राजस्थान > नशे का कारोबार कर बनाई प्रॉपर्टी, 50 लाख का घर किया लिव-इन पार्टनर के नाम; अब पुलिस ने लिया एक्शन

नशे का कारोबार कर बनाई प्रॉपर्टी, 50 लाख का घर किया लिव-इन पार्टनर के नाम; अब पुलिस ने लिया एक्शन

Rajasthan News: राजस्थान के नागौर में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है. इस बीच पुलिस ने 50 लाख रुपये के एक आलीशान घर को जब्त किया है.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 12, 2026 15:36:06 IST

Mobile Ads 1x1

Rajasthan Drug Case: राजस्थान (Rajasthan News) के नागौर में पुलिस ने नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है. यहां एक आरोपी व्यक्ति की अवैध कमाई से बनाए गए एक आलीशान घर को ज़ब्त कर लिया गया है. आरोपी ने इस संपत्ति को अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर करवाया था. लगभग ₹50 लाख की कीमत वाला यह घर नागौर के शारदापुरम इलाके में स्थित है. पूरा मामला क्या है? आइए विस्तार से जानते हैं.

सुरपालिया पुलिस थाना क्षेत्र के जनवा गांव का रहने वाला बहादुर सिंह उर्फ ​​समीर काफी समय से पुलिस की नज़र में था. बताया जा रहा है कि उसपर स्मैक (हेरोइन) के सप्लाई के धंधे में शामिल होने का आरोप है.

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि उसने अपने नशे के कारोबार से भारी दौलत जमा कर रहा था. धीरे-धीरे उसने इस अवैध कमाई का इस्तेमाल करके एक आलीशान घर खरीद लिया. जांच करने पर पुलिस को पता चला कि यह घर बहादुर सिंह के नाम पर नहीं, बल्कि उसकी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर था. जब पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू की और पुराने रिकॉर्डों को खंगालना शुरू किया तो  बहादुर सिंह के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत पहले से ही दो मामले दर्ज थे.

ये मामले लगभग छह साल पुराने थे, जिनमें से एक विशेष रूप से बीकानेर के पांचू पुलिस थाना क्षेत्र से जुड़ा था. हालांकि पुलिस ने इन पिछले मामलों में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन उसकी अवैध दौलत की असली कहानी अब जाकर सामने आई है.

खरीदा एक करोड़ रुपये का आलीशान बंगला

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने शारदापुरम इलाके में घर बनवाने के लिए अपने नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई कमाई का इस्तेमाल किया था. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इस संपत्ति का अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹1 करोड़ से भी ज़्यादा हो सकता है. कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बहादुर सिंह ने इस संपत्ति को अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर करवा दिया था.

नागौर एसपी ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर नागौर एसपी का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों  की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें ज़ब्त किया जा रहा है. पिछले 15 दिनों में 4 संपत्तियों को जब्त किया गया है. जबकि कुल 5 घरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन संकल्प के तहत अभियान को और तेज किया जाएगा.

MORE NEWS

Home > राज्य > राजस्थान > नशे का कारोबार कर बनाई प्रॉपर्टी, 50 लाख का घर किया लिव-इन पार्टनर के नाम; अब पुलिस ने लिया एक्शन

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 12, 2026 15:36:06 IST

Mobile Ads 1x1

Rajasthan Drug Case: राजस्थान (Rajasthan News) के नागौर में पुलिस ने नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है. यहां एक आरोपी व्यक्ति की अवैध कमाई से बनाए गए एक आलीशान घर को ज़ब्त कर लिया गया है. आरोपी ने इस संपत्ति को अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर करवाया था. लगभग ₹50 लाख की कीमत वाला यह घर नागौर के शारदापुरम इलाके में स्थित है. पूरा मामला क्या है? आइए विस्तार से जानते हैं.

सुरपालिया पुलिस थाना क्षेत्र के जनवा गांव का रहने वाला बहादुर सिंह उर्फ ​​समीर काफी समय से पुलिस की नज़र में था. बताया जा रहा है कि उसपर स्मैक (हेरोइन) के सप्लाई के धंधे में शामिल होने का आरोप है.

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि उसने अपने नशे के कारोबार से भारी दौलत जमा कर रहा था. धीरे-धीरे उसने इस अवैध कमाई का इस्तेमाल करके एक आलीशान घर खरीद लिया. जांच करने पर पुलिस को पता चला कि यह घर बहादुर सिंह के नाम पर नहीं, बल्कि उसकी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर था. जब पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू की और पुराने रिकॉर्डों को खंगालना शुरू किया तो  बहादुर सिंह के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत पहले से ही दो मामले दर्ज थे.

ये मामले लगभग छह साल पुराने थे, जिनमें से एक विशेष रूप से बीकानेर के पांचू पुलिस थाना क्षेत्र से जुड़ा था. हालांकि पुलिस ने इन पिछले मामलों में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन उसकी अवैध दौलत की असली कहानी अब जाकर सामने आई है.

खरीदा एक करोड़ रुपये का आलीशान बंगला

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने शारदापुरम इलाके में घर बनवाने के लिए अपने नशीले पदार्थों की तस्करी से हुई कमाई का इस्तेमाल किया था. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इस संपत्ति का अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹1 करोड़ से भी ज़्यादा हो सकता है. कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बहादुर सिंह ने इस संपत्ति को अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर करवा दिया था.

नागौर एसपी ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर नागौर एसपी का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों  की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें ज़ब्त किया जा रहा है. पिछले 15 दिनों में 4 संपत्तियों को जब्त किया गया है. जबकि कुल 5 घरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन संकल्प के तहत अभियान को और तेज किया जाएगा.

MORE NEWS