Nasir-Junaid Murder Case: राजस्थान हाई कोर्ट की एकल पीठ ने कल यानी गुरुवार को मोनू मानेसर को जमानत दे दी है. मोनू मानेसर कुख्यात जुनैद-नासिर हत्याकांड में लगभग ढाई साल से जेल में बंद है. मोहित यादव नाम के मानेसर को अगले कुछ दिनों में भरतपुर स्थित सेवार जेल से जमानत किए जाने की उम्मीद है.
उनके बचाव पक्ष ने तर्क पेश किया गया है कि मुकदमे में कोई खास प्रगति न होने के कारण लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रखे जाने के बाद उनकी रिहाई जरूरी है. यह भी कहा गया है कि आरोपपत्र में सूचीबद्ध 74 अभियोजन गवाहों में से किसी से भी पूछताछ नहीं की गई थी. बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि एक अन्य सह-आरोपी अनिल कुमार को 28 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी थी.
मामला क्या था?
यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर तब सुर्खियों में आया जब 16 फरवरी, 2023 को हरियाणा राज्य में एक बोलेरो वाहन के अंदर भरतपुर जिले के निवासी जुनैद और नासिर के जले हुए शव मिले थे. मानेसर पर कई अन्य आरोप भी हैं, जिनमें पताउदी में गोलीबारी करने और नूह हिंसा से पहले सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने के आरोप शामिल हैं. उन्होंने ऐसे मामलों में जमानत हासिल कर ली है.
गोरक्षकों में सबसे प्रमुख नाम मोनू मानेसर का था. उसे राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. विश्व हिंदू परिषद के गुरुग्राम विभाग के मंत्री देवेंद्र सिंह का कहना है कि माेनू मानेसर व टीम की सक्रियता की वजह से जिले में ही नहीं बल्कि आसपास के इलाकों में गो-तस्करी के ऊपर रोक लग गई थी. इस वजह से माेनू सहित पूरी टीम को निशाना बनाया गया था.