A cancer-stricken student’s courage inspires an entire school to shave their heads: राजस्थान के जोधपुर से एक दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है. जहां, एक कैंसर पीड़ित स्कूली छात्रा और उसके साथियों और शिक्षकों के बीच एकजुटता की मिसाल देखने को मिल रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को जिस किसी ने भी देखा, हर कोई तमाम छात्रों की जमकर सरहाना कर रहा है. आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए.
हौसले की एक अनूठी पहल
कहा जाता है कि स्कूल केवल अक्षर ज्ञान की जगह नहीं होती, बल्कि वह संस्कार और सहानुभूति सीखने की पाठशाला भी होती है. ऐसा ही एक ताजा मामला राजस्थान के जोधपुर से सामने आया है. जहां, के एक निजी स्कूल में जब एक छात्रा के कैंसर के इलाज (कीमोथेरेपी) की वजह से बाल झड़ने लगे, तो वह मानसिक तनाव में आ गई. एक छोटी बच्ची के लिए समाज और सहपाठियों के बीच बिना बालों के जाना एक बेहद ही बड़ी चुनौती थी.
छात्रा की मायूसी को देखते हुए उसके सहपाठियों और शिक्षकों ने जो किया, उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी. बच्ची को यह अहसास दिलाने के लिए कि वह अकेली नहीं है, स्कूल के सभी छात्रों और शिक्षकों ने अपने सिर मुंडवा लिए.
यहां देखें वायरल वीडियो
इंटरनेट पर फैली नेगेटिविटी के बीच खुश कर देने वाला वीडियो
कैंसर पीड़ित लड़की के थैरेपी के बाद बाल झड़ हए थे।
लड़की का मनोबल बढ़ाने के लिए उसके सहपाठियों और शिक्षकों ने भी अपने सिर मुंडवा लिए | pic.twitter.com/XcSzG2fitr— अश्विनी सोनी (@Ramraajya) January 19, 2026
एकता और समानता का संदेश
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, तो इसमें साफ रूप से देखा जा सकता है कि दर्जनों बच्चे और उनके शिक्षक एक साथ सिर मुंडवाए हुए स्कूल परिसर से बाहर निकल रहे हैं. इस कदम के पीछे का मुख्य उद्देश्य यह था कि क्लास में वह छात्रा खुद को अलग महसूस न करे. इसके अलावा जब पूरी क्लास एक जैसी दिखने लगी, तो उस बच्ची का आत्मविश्वास वापस लौट आया. फिलहाल, हर कोई छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों की भी जमकर सरहाना कर रहा है.
घटना से क्या मिलती है सभी को सीख
मानसिक स्वास्थ्य और बीमारी से लड़ने के लिए दवा से ज्यादा मुश्किल समय में अपनों के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. स्कूल ने सिखाया कि बाहरी रूप-रंग से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान करना ही असली शिक्षा होती है. जब पूरा स्कूल एक छात्रा के लिए खड़ा हुआ, तो उसकी बीमारी की जंग आधी आसान हो जाती है.
हालांकि, यह वीडियो किस स्कूल का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इस संदेश ने दुनिया भर के लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं और साथ ही यह वीडियो ‘इंसानियत अभी जिंदा है’ का सबसे बड़ा प्रमाण बन गया है.