Jaipur Shocking Case: राजस्थान के जयुपर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां, एक बेहद ही शांत गली में रहने वाली 82 साल की बुजुर्ग महिला शांति देवी को बैंक खाते में पैसे जमा करना भारी पड़ गया. दरअसल, सफेद बाल और कांपते हाथों वाली यह बुजुर्ग महिला अचानक बैंक की रोजाना ग्राहक बन गई थीं. हांलाकि, सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह थी कि रकम ट्रांसफर करने की जल्दबाजी ने बैंक कर्मचारी अनीता को पूरी तरह से चौकन्ना कर दिया था. जब भी बुजुर्ग महिला से ये पूछा जाता था, तो वह सिर्फ एक ही जवाब देती थीं, ‘पैसे भेजना जरूरी है’.
तो वहीं, अनीता और बैंक प्रबंधक को लगा कि यह सामान्य मदद नहीं बल्कि किसी गहरी साजिश का एक हिस्सा भी हो सकता है. जिसके बाद बिना किसी देर के उन्होंने पुलिस को इस घटना के बारे में सूचित किया. जब पुलिस और बैंक अधिकारी शांति देवी के घर पहुंचे, तो वहां जो कुछ देखा उससे देखने के बाद पुलिस के भी होश उड़ गए. घर के अंदर एक एक लैपटॉप पर वीडियो कॉल चल रही थी, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स शांति देवी को जोर-जोर से धमकी देने की कोशिश कर रहा था. दरअसल, वह उन बुजुर्ग महिला को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनकी जीवन भर की कमाई को लूटने की फिराक में था.
तो पुलिस ने ऐसे सुलझाया पूरा मामला
पुलिस ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया शख्य उन्हें डराने की कोशिश में जुटा हुआ था अगर उन्होंने पैसे सही अकाउंट में नहीं भेजे तो उनके परिवार को भी जेल भेज दिया जाएगा. तो वहीं, अकेलेपन और इस डर का फायदा उठाकर ठगों ने बुजुर्ग महिला को किसी को न बताने की सख्त धमकी भी दी थी. तो वहीं पुलिस की जांच के बाद ठगों ने मौके पर ही पुलिस के कॉल को कट कर दिया और जिसके बाद शांति देवी को यह एहसास हुआ कि वे किसी तरह के अपराध में नहीं बल्कि धोखाधड़ी के जाल में फंसती हुईं जा रही थीं. फिलहाल, पुलिस ने उनकी काउंसलिंग कर बैंक की सतर्कता की वजह से उनकी डूबी हुई रकम को वापस दिलाने की प्रक्रिया की शुरुआत की.
पुलिस ने बैंक कर्मचारी को किया सम्मानित
तो वहीं, यह घटना ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक खतरनाक रूप ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामले को एक बार फिर से उजागर करती है. जहां, एक 82 साल की बुजुर्ग महिला को अपराधियों ने खुद को सीबीआई और ईडी अधिकारी बताकर डरा धमकार उनके ऊपर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की. इतना ही नहीं, ठगी करने वाले अपराधी उन्हें जांच के नाम पर ब्लैकमेल कर रहे थे. जिसके बाद बैंक कर्मचारी अनीता की मदद से एक बड़ी घटना घटने से बच गई.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कॉल काटा और अपराधी की तलाश शुरू कर दी. फिलहला, हड़कंप के बाद शांति देवी को सुरक्षा दी गई और उनके बच्चों को सूचित किया गया. इस दौरान पुलिस प्रशासन ने बैंक और अनीता को उनके इस साहस और सतर्कता के लिए सम्मानित भी किया.