Sadhvi Prem Baisa Murder: राजस्थान के जोधपुर से झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को हैरान कर दिया है. प्रसिद्ध भजन गायिका और कथा वाचिका साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले से पूरा राज्ये में शोक की लहर देखने को मिल रही है. जानकारी के मुताबिक, 28 जनवरी 2026 की शाम हुई इस घटना ने कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे दिया है, जिसमें ‘डेक्सोना’ (Dexona) इंजेक्शन से लेकर पिता के साथ वायरल हुए एक पुराने वीडियो तक की कई महत्वपूर्ण कड़ियां जुड़ी हुई नज़र आ रही हैं. आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर
आखिर क्या है इंजेक्शन का रहस्य?
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 साल की साध्वी प्रेम बाईसा पिछले दो दिनों से अस्वस्थ थीं. तबीयत खराब होने पर उन्हें बुधवार शाम उनके पिता और गुरु वीरमनाथ ने आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाकर उन्हें एक इंजेक्शन लगवाया. जानकारी के मुताबिक, उन्हें DEXONA इंजेक्शन लगाया था. तो वहीं, दूसरी तरफ इंजेक्शन लगते ही साध्वी की स्थिति पहले से और भी ज्यादा बिगड़ने लगी और फिर उन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (Brought Dead) घोषित कर दिया. लेकिन, अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि क्या यह मौत दवा के रिएक्शन से हुई या इसमें किसी भी तरह की कोई गहरी साजिश छिपी है?
13 जुलाई के वायरल वीडियो का रहस्य
तो वहीं, दूसरी तरफ अब इस मामले में एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है. जहां, एक 13 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है. वीडियो के मुताबिक, साध्वी अपने बेडरूम में पिता वीरमनाथ के साथ दिखाई देतीं हैं. इसके अलावा, वीडियो के दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया पर पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को लेकर लोगों ने कई तरह के सवाल उठाए थे. लेकिन, तब साध्वी ने इसे एडिटेड बताते हुए ‘अग्नि परीक्षा’ देने की बात कही थी, लेकिन अब उनकी मौत के बाद पुलिस फिर से इस ‘वायरल वीडियो एंगल’ की जांच में लगातार जुटी हुई है.
इंस्टाग्राम पोस्ट बनी सबसे बड़ी मिस्ट्री
इतना ही नहीं उनकी मौत शाम 5:30 बजे हुई, लेकिन रात 9:30 बजे उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से एक भावुक पोस्ट शेयर किया गया. जिसनमें इसे ‘डेथ नोट’ माना जा रहा है, जिसमें लिखा था कि वे दुनिया छोड़ रही हैं और उन्हें ऊपर वाले के दरबार में जाकर ही न्याय मिलेगा. लेकनि, अब राजस्थान पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली यही है कि अगर साध्वी की मौत 5:30 बजे हो चुकी थी, तो 9:30 बजे पोस्ट आखिर किसने अपलोड किया था?
जांच के घेरे में पिता का व्यवहार
इस मामले में प्रज्ञा अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, साध्वी को मृत घोषित करने के बाद जब उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई, तो पिता वीरमनाथ ने एम्बुलेंस लेने से पूरी तरह से इनकार कर दिया था. जिसके बाद उनके इस व्यवहार और मौत के बाद आए सोशल मीडिया पोस्ट पर चुप्पी, पुलिस के संदेह को और भी ज्यादा गहरा बनाती जा रही है. फिलहाल, राजस्थान पुलिस ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी है.