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इलाज या साजिश? साध्वी प्रेम बैसा मौत केस में SIT ने किये चौंकाने वाले खुलासे, जांच में आया बड़ा मोड़

Sadhvi Prem Baisa Mysterious Death: SIT प्रमुख और ACP छवि शर्मा ने साध्वी प्रेम बैसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की शुरुआती जांच के बाद संकेत दिया है कि मामला सिर्फ़ रूटीन मेडिकल इलाज तक सीमित नहीं है.

Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-01-31 15:53:35

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Sadhvi Prem Baisa Death Case: साध्वी प्रेम बैसा (Sadhvi Prem Baisa) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) चौंकाने वाले खुलासे कर रही है. SIT प्रमुख और ACP छवि शर्मा ने शुरुआती जांच के बाद संकेत दिया है कि मामला सिर्फ़ रूटीन मेडिकल इलाज तक सीमित नहीं है. पूछताछ के दौरान, मुख्य आरोपी, कंपाउंडर देवी सिंह ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि उसने साध्वी को सिर्फ़ एक इंजेक्शन नहीं, बल्कि कई इंजेक्शन दिए थे.

जांच में क्या आया सामने?

अब तक सिर्फ़ ‘डेक्सोना’ इंजेक्शन का ज़िक्र हुआ था, लेकिन देवी सिंह ने दूसरी दवाएं भी इंजेक्ट करने की बात मानी है. SIT इन दूसरे इंजेक्शन में इस्तेमाल किए गए सॉल्ट (केमिकल कंपाउंड) के प्रकार, उनकी मात्रा और उन्हें किस मकसद से दिया गया था, इसकी बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस देवी सिंह की मेडिकल क्वालिफिकेशन और बैकग्राउंड की भी जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या उसे मेडिकल इलाज देने का अधिकार था.

आश्रम के बैंक खातों की जांच

SIT की जांच का दायरा सिर्फ़ मेडिकल लापरवाही तक सीमित नहीं है. पुलिस मामले के फाइनेंशियल पहलुओं पर भी गंभीरता से विचार कर रही है. आश्रम से जुड़े सभी ऑफिशियल बैंक खातों की जांच की जा रही है. आश्रम से जुड़े मुख्य लोगों के पर्सनल बैंक खातों की भी जांच की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन या मनी ट्रांसफर का पता लगाया जा सके.

ACP छवि शर्मा ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर साध्वी के पिता से भी पूछताछ की जाएगी. SIT प्रमुख छवि शर्मा ने कहा कि इस मामले से जुड़ा हर व्यक्ति फिलहाल शक के घेरे में है. हम मेडिकल, फाइनेंशियल और परिस्थितिजन्य सबूतों को एक साथ जोड़ रहे हैं. किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार

इस रहस्यमय मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को सबसे अहम सबूत माना जा रहा है. रिपोर्ट 2 से 3 दिनों में आने की उम्मीद है. रिपोर्ट से साफ हो जाएगा कि मौत की असली वजह इंजेक्शन का ओवरडोज़, एलर्जिक रिएक्शन, या शरीर में किसी ज़हर की मौजूदगी थी. फिलहाल, जोधपुर पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में सावधानी से आगे बढ़ रही है. आश्रम के अनुयायी और स्थानीय लोग अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) के अगले कदमों का इंतज़ार कर रहे हैं.

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