कब खोया था बेटा उदय सिंह रावत?
क्लासमेट ने उदय सिंह को पहचाना
इस तरह की मां ने पहचान
उनके स्वागत के लिए गांव में जुलूस निकाला गया. जैसे ही उनकी पहचान हुई, पूरा गांव खुशी से झूम उठा. परिवार के सदस्यों और गांववालों ने ढोल और DJ के साथ पारंपरिक जुलूस में उदय सिंह का स्वागत किया, और उन्हें घर तक पहुंचाया गया. मीटिंग के दौरान, उदय सिंह ने अपने परिवार से दोबारा मिलकर खुशी जताई, जो एक्सीडेंट के बाद अपनी याददाश्त खो चुके थे. इलेक्शन कमीशन के SIR कैंपेन की वजह से वह उनसे जुड़ पाए.