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Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > Video: ढोल नगाड़े बजवाए, बांटी मिठाइयां…बेटी को तलाक मिलने पर परिवार ने अनोखे तरीके से मनाया जश्न

Video: ढोल नगाड़े बजवाए, बांटी मिठाइयां…बेटी को तलाक मिलने पर परिवार ने अनोखे तरीके से मनाया जश्न

UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें बेटी को तलाक मिलने पर पूरा परिवार जश्न मनाता हुआ नजर आ रहा है.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 5, 2026 14:28:50 IST

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UP Meerut Video: आपने अक्सर देखा होगा कि अगर किसी बेटी का तलाक होता है तो पूरा परिवार गम में डूब जाता है. सब इस सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर तलाकशुदा बेटी की शादी अब कैसे कराएंगे. लेकिन उत्तर प्रदेश के मेरठ की जिस कहानी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं. वहां बेटी को तलाक मिलने पर माता-पिता सहित पूरे परिवार ने बेटी का गर्मजोशी से स्वागत किया. बेटी के तलाक को आजादी और खुशी के जश्न में बदल दिया.

ढोल की गूंजती थाप, फूलों की मालाओं की महक और चेहरों पर छाई शांति के बीच यह नजारा किसी शादी से कम नहीं लग रहा था. फर्क बस इतना था कि यह जश्न बेटी के लिए एक नई ज़िंदगी की शुरुआत का प्रतीक था.

रिटायर्ड जज ने किया स्वागत

रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी इकलौती बेटी प्रणिता शर्मा का स्वागत उसी मान-सम्मान और गर्व के साथ किया, जिसके साथ उन्होंने कभी उसे विदा किया था. परिवार के सभी सदस्य सदस्य ‘I Love My Daughter’ लिखे काले रंग के टी-शर्ट पहने हुए थे. बेहिसाब खुशी के साथ नाचते हुए दिखाई दिए. मिठाइयां बांटी गईं और कोर्ट से लेकर उनके घर तक का पूरा रास्ता एक उत्सवपूर्ण जुलूस में बदल गया.

कब हुई थी शादी?

प्रणिता ने 14 दिसंबर, 2018 को एक आर्मी मेजर से शादी की थी. हालांकि, शादी के शुरुआती दिनों से ही हालात सामान्य से कोसों दूर थे. जैसे-जैसे समय बीतता गया, ससुराल में उसके साथ होने वाला बर्ताव और भी ज़्यादा कठोर होता गया. मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक शोषण ने उसकी ज़िंदगी को नरक बना दिया था. एक बेटे के जन्म के बाद भी हालात में सुधार के कोई संकेत नहीं दिखे. उसकी उम्मीदें टूट चुकी थीं, लेकिन उसका हौसला नहीं टूटा था.



प्रणिता ने तलाक लेने का लिया फैसला

अपने आत्म-सम्मान को प्राथमिकता देते हुए प्रणिता ने तलाक लेने का फैसला किया. मेरठ फैमिली कोर्ट ने शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को तलाक की मंज़ूरी दे दी. इसके बाद जो हुआ, वह समाज के लिए एक ज़बरदस्त संदेश बन गया: बेटी का घर लौटना कोई हार नहीं, बल्कि साहस की जीत है.

क्या करती हैं प्रणिता शर्मा?

प्रणिता शर्मा शास्त्री नगर में एक न्यायिक अकादमी में फाइनेंस डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. उनके पास मनोविज्ञान में पोस्टग्रेजुएट डिग्री है. प्रणिता शर्मा ने अपना अनुभव साझा करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि सबसे ज़रूरी चीज़ है अपनी खुद की आंतरिक शक्ति को मज़बूत बनाना. उन्होंने महिलाओं से अपील की कि अगर वे किसी भी तरह के शोषण का सामना कर रही हैं, तो वे चुप न रहें. उन्होंने दृढ़ता से कहा कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही सच्ची शक्ति हैं.

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Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 5, 2026 14:28:50 IST

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UP Meerut Video: आपने अक्सर देखा होगा कि अगर किसी बेटी का तलाक होता है तो पूरा परिवार गम में डूब जाता है. सब इस सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर तलाकशुदा बेटी की शादी अब कैसे कराएंगे. लेकिन उत्तर प्रदेश के मेरठ की जिस कहानी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं. वहां बेटी को तलाक मिलने पर माता-पिता सहित पूरे परिवार ने बेटी का गर्मजोशी से स्वागत किया. बेटी के तलाक को आजादी और खुशी के जश्न में बदल दिया.

ढोल की गूंजती थाप, फूलों की मालाओं की महक और चेहरों पर छाई शांति के बीच यह नजारा किसी शादी से कम नहीं लग रहा था. फर्क बस इतना था कि यह जश्न बेटी के लिए एक नई ज़िंदगी की शुरुआत का प्रतीक था.

रिटायर्ड जज ने किया स्वागत

रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी इकलौती बेटी प्रणिता शर्मा का स्वागत उसी मान-सम्मान और गर्व के साथ किया, जिसके साथ उन्होंने कभी उसे विदा किया था. परिवार के सभी सदस्य सदस्य ‘I Love My Daughter’ लिखे काले रंग के टी-शर्ट पहने हुए थे. बेहिसाब खुशी के साथ नाचते हुए दिखाई दिए. मिठाइयां बांटी गईं और कोर्ट से लेकर उनके घर तक का पूरा रास्ता एक उत्सवपूर्ण जुलूस में बदल गया.

कब हुई थी शादी?

प्रणिता ने 14 दिसंबर, 2018 को एक आर्मी मेजर से शादी की थी. हालांकि, शादी के शुरुआती दिनों से ही हालात सामान्य से कोसों दूर थे. जैसे-जैसे समय बीतता गया, ससुराल में उसके साथ होने वाला बर्ताव और भी ज़्यादा कठोर होता गया. मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक शोषण ने उसकी ज़िंदगी को नरक बना दिया था. एक बेटे के जन्म के बाद भी हालात में सुधार के कोई संकेत नहीं दिखे. उसकी उम्मीदें टूट चुकी थीं, लेकिन उसका हौसला नहीं टूटा था.



प्रणिता ने तलाक लेने का लिया फैसला

अपने आत्म-सम्मान को प्राथमिकता देते हुए प्रणिता ने तलाक लेने का फैसला किया. मेरठ फैमिली कोर्ट ने शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को तलाक की मंज़ूरी दे दी. इसके बाद जो हुआ, वह समाज के लिए एक ज़बरदस्त संदेश बन गया: बेटी का घर लौटना कोई हार नहीं, बल्कि साहस की जीत है.

क्या करती हैं प्रणिता शर्मा?

प्रणिता शर्मा शास्त्री नगर में एक न्यायिक अकादमी में फाइनेंस डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. उनके पास मनोविज्ञान में पोस्टग्रेजुएट डिग्री है. प्रणिता शर्मा ने अपना अनुभव साझा करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि सबसे ज़रूरी चीज़ है अपनी खुद की आंतरिक शक्ति को मज़बूत बनाना. उन्होंने महिलाओं से अपील की कि अगर वे किसी भी तरह के शोषण का सामना कर रही हैं, तो वे चुप न रहें. उन्होंने दृढ़ता से कहा कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही सच्ची शक्ति हैं.

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