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सोनभद्र में मिला ऐसा खजाना, मालामाल हो जाएगा पूरा उत्तरप्रदेश; खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

UP News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 3.02 मिलियन टन लौह अयस्क का खजाना मिला है. इस भंडार की अनुमानित कीमत 1200 से 1450 करोड़ रुपये आंकी गई है.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 2, 2026 15:36:40 IST

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Sonbhadra Iron Ore: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की धरती से छिपे हुए खजाने का पता चला है. इस बार धरती के नीचे छिपा हुआ लौह अयस्क का एक विशाल भंडार सामने आया है, जिससे राज्य के खनन और औद्योगिक भविष्य के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद जगी है. करीब 3.02 मिलियन टन लौह अयस्क वाले एक नए ब्लॉक की खोज से न केवल राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद है, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे.

इस लौह अयस्क भंडार का अनुमानित मूल्य ₹1,200 से ₹1,450 करोड़ के बीच आंका गया है. राज्य की खनिज संपदा को बढ़ाने के अलावा यह खोज उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन के लिए नए रास्ते खोलने के लिए तैयार है.

रिपोर्ट आया सामने

भूवैज्ञानिक मूल्यांकन के संबंध में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) उत्तरी क्षेत्र लखनऊ ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की और बुधवार को इसे राज्य सरकार को सौंप दिया. भूविज्ञान और खनन विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, ‘ब्लॉक-D’ के भीतर लौह अयस्क की औसत मात्रा 39.73 प्रतिशत पाई गई है. वाणिज्यिक मानकों के आधार पर इस भंडार का मूल्यांकन 35 प्रतिशत के ‘कट-ऑफ ग्रेड’ के मुकाबले किया गया है. यह एक ऐसी सीमा है जिसे खनन कार्यों के लिए व्यवहार्य और उपयुक्त माना जाता है.

आधुनिक तकनीक के माध्यम से किया गया खोज

इस ब्लॉक की खोज उन्नत वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से पूरी की गई थी. अपना खोज कार्य पूरा करने के बाद GSI ने अब औपचारिक रूप से इस ब्लॉक को राज्य सरकार को सौंप दिया है. अब सरकार इस ब्लॉक के लिए खनन पट्टा (mining lease) देने हेतु ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू करेगी. जो भी इस नीलामी प्रक्रिया को जितेगा, उसे ये ब्लॉक सौंप दिया जाएगा.

रोजगार के अवसर होंगे पैदा

इस दृष्टिकोण को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ खनन कार्यों की गति को तेज करने के लिए डिजाइन किया गया है. एक बार खनन गतिविधियां शुरू हो जाने के बाद राज्य सरकार को अपने राजस्व आय में भारी वृद्धि की उम्मीद है. विभाग की सचिव माला श्रीवास्तव ने कहा कि यह परियोजना सोनभद्र जिले के भीतर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए तैयार है.

लौह अयस्क के इस नव-खोजे गए स्रोत से राज्य के लौह और इस्पात उद्योग को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है. यह औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देगा और ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ (स्व-निर्भर भारत) जैसी राष्ट्रीय पहलों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा. अंततः, यह खोज खनिज संसाधनों के क्षेत्र में राज्य को सशक्त बनाएगी, तथा औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन में एक नया आयाम जोड़ेगी.

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Last Updated: April 2, 2026 15:36:40 IST

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Sonbhadra Iron Ore: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की धरती से छिपे हुए खजाने का पता चला है. इस बार धरती के नीचे छिपा हुआ लौह अयस्क का एक विशाल भंडार सामने आया है, जिससे राज्य के खनन और औद्योगिक भविष्य के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद जगी है. करीब 3.02 मिलियन टन लौह अयस्क वाले एक नए ब्लॉक की खोज से न केवल राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद है, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे.

इस लौह अयस्क भंडार का अनुमानित मूल्य ₹1,200 से ₹1,450 करोड़ के बीच आंका गया है. राज्य की खनिज संपदा को बढ़ाने के अलावा यह खोज उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन के लिए नए रास्ते खोलने के लिए तैयार है.

रिपोर्ट आया सामने

भूवैज्ञानिक मूल्यांकन के संबंध में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) उत्तरी क्षेत्र लखनऊ ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की और बुधवार को इसे राज्य सरकार को सौंप दिया. भूविज्ञान और खनन विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, ‘ब्लॉक-D’ के भीतर लौह अयस्क की औसत मात्रा 39.73 प्रतिशत पाई गई है. वाणिज्यिक मानकों के आधार पर इस भंडार का मूल्यांकन 35 प्रतिशत के ‘कट-ऑफ ग्रेड’ के मुकाबले किया गया है. यह एक ऐसी सीमा है जिसे खनन कार्यों के लिए व्यवहार्य और उपयुक्त माना जाता है.

आधुनिक तकनीक के माध्यम से किया गया खोज

इस ब्लॉक की खोज उन्नत वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से पूरी की गई थी. अपना खोज कार्य पूरा करने के बाद GSI ने अब औपचारिक रूप से इस ब्लॉक को राज्य सरकार को सौंप दिया है. अब सरकार इस ब्लॉक के लिए खनन पट्टा (mining lease) देने हेतु ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू करेगी. जो भी इस नीलामी प्रक्रिया को जितेगा, उसे ये ब्लॉक सौंप दिया जाएगा.

रोजगार के अवसर होंगे पैदा

इस दृष्टिकोण को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ खनन कार्यों की गति को तेज करने के लिए डिजाइन किया गया है. एक बार खनन गतिविधियां शुरू हो जाने के बाद राज्य सरकार को अपने राजस्व आय में भारी वृद्धि की उम्मीद है. विभाग की सचिव माला श्रीवास्तव ने कहा कि यह परियोजना सोनभद्र जिले के भीतर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए तैयार है.

लौह अयस्क के इस नव-खोजे गए स्रोत से राज्य के लौह और इस्पात उद्योग को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है. यह औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देगा और ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ (स्व-निर्भर भारत) जैसी राष्ट्रीय पहलों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा. अंततः, यह खोज खनिज संसाधनों के क्षेत्र में राज्य को सशक्त बनाएगी, तथा औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन में एक नया आयाम जोड़ेगी.

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