Ayodhya Case: अयोध्या के भदरसा क्षेत्र में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म बहुचर्चित गैंगरेप मामले में बुधवार को बड़ा न्यायिक फैसला आया. पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश निरुपमा विक्रम की अदालत ने समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को सबूत के अभाव में सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है. और मुख्य आरोपी राजू खान को धुष्कर्म का दोषी पाया गया है. सजा सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार यानी आज का दिन तय किया गया है.
क्या था पूरा मामला?
यह मामल 29 जुलाई, 2024 को थाना पूराकलंदर में दर्ज हुआ. प्रॉसिक्यूशन के अनुसार यह घटना पूराकलंदर क्षेत्र की है. किशोरी खेत में काम करने गई थी. राजू उसे मोईद खान की बेकरी पर काम करने ले गया. वहां मौजूद मोईद खान ने उससे दुष्कर्म किया. राजू ने मोईद खान की मोबाइल से वीडियो बना ली. उसके बाद राजू ने भी दुष्कर्म किया.
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे कई बार दुष्कर्म किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई. उसकी तबियत खराब होने पर इसकी जानकारी हुई. किशोरी के मां की तहरीर पर 29 जुलाई, 2024 को पूराकलंदर में राजू खान व मोईद खान के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई.
जांच के लिए दोनों के डीएनए सैंपल लिए गए. डीएनए सैंपल में मोईद खान का डीएनए नेगेटिव और राजू खान का डिएनए पॉजिटिव पाया गया है.
विवाद का केंद्र रहा बुलडोजर कार्रवाई
यह मामला दर्ज होने के बाद प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी और दो मंजिला शॉपिंग कॉमप्लेक्स पर बुलडोजर चलाया था. जिसे लेकर तब के समय राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था. कोर्ट का फैसला आने के बाद मौईद खान के समर्थकों और घरवालों को बड़ी राहत मिली है.