उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्र और अनुदेशकों की सैलरी को लेकर खुशखबरी दी है. दरअसल उन्होंने शनिवार को स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये मानदेय देने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि ये वेतन इसी महीने से लागू हो जाएगा. साथ ही सरकार उन्हें पांच लाख रुपये कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी देगी. सीएम योगी ने कहा कि आपने अभी हाल ही में देखा होगा कि हमारी सरकार ने कुछ निर्णय लिए हैं. अनुदेशकों को 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये दिए जाएंगे. साथ ही शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक और रसोइयों के लिए 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य व्यवस्था की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार योगदान कर रहे हैं.
शिक्षकों से सीएम की अपील
सीएम योगी ने सभी शिक्षकों से अपील की कि 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान के तहत सभी शिक्षक जुड़ें. शिक्षक, प्रधानाचार्य और अभिभावकों से बात करें और उनसे जुड़ें. उन्होंने कहा कि अगर सुबह 8 बजे स्कूल शुरू होता है, तो 7 बजे घर से निकलकर गांव, मोहल्लों में एक बार राउंड लगाते हुए स्कूल जाएं. आप हर अभिभावक के घर के दरवाजे खटखटाएं. उनसे कहिए कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजें. सरकार उनके लिए सब कुछ फ्री में दे रही है. अपने हाथ से बच्चों को स्कूल लेकर आएं. कोई बच्चा पढ़ाई से छूट न जाएं. हर शिक्षक, हर शिक्षामित्र और हर अनुदेशकों का ये संकल्प होना चाहिए.
शिक्षा पर कितना खर्च कर रही सरकार
सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार लगभग 80 हजार करोड़ रुपये शिक्षा पर खर्च कर रही है. शिक्षकों, रसोइयों और अनुदेशकों के लिए जरूरी निर्णय भी लिया है. अनुदेशकों को 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को हर महीने 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा. साथ ही अनुदेशकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों को 5 लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी.
बनाए जा रहे ये विद्यालय
साथ ही सीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की कोशिशों की सराहना की. उन्होंने कहा कि पहले कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं थे. वहीं अब बजट उपलब्ध कराकर कस्तूरबा गांधी स्कूल स्थापित किए गए और उन्हें 12वीं तक बढ़ाया गया. श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए अटल आवासीय स्कूलों की शुरुआत की गई. हर जिले में दो कंपोजिट विद्यालय थे. वहीं अब बजट के बाद दो अतिरिक्त विद्यालय बनाए जा रहे हैं. यहां पर प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा एक ही जगह पर दी जाएगी. साथ ही बाल वाटिका भी बनाए जा रहे हैं.