Dandvat Yatra After Divorce: देश में तलाक के मामले तो आपने कई देखे होंगे लेकिन इस मामले ने पूरे देश का ध्यान खींचा है. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें एक युवक का तलाक हो जाने पर पास के मंदिर तक दंडवत यात्रा की. ऐसे समय में जब तलाक की पार्टियां एक नए ‘हॉट इनवाइट’ के तौर पर उभर रही हैं, यूपी के बस्ती के एक 25 साल के युवक ने तलाक होने पर स्थानीय देवी-देवता का अनोखे तरीके से आभार जताया. नवरात्रि के शुभ अवसर का पूरा फ़ायदा उठाते हुए इस हाल ही में तलाक़शुदा युवक ने अपनी मुश्किल शादी के खत्म होने की खुशी में एक स्थानीय मंदिर तक 9 किलोमीटर की ‘दंडवत यात्रा’ की.
दंडवत यात्रा में भक्त जमीन पर पूरी तरह से लेट जाता है. हर बार आगे बढ़ने से पहले एक निशान बनाता है और पूरे रास्ते भर इसी क्रिया को दोहराता रहता है. यह घटना रामनगर के सोनहा पुलिस थाना क्षेत्र में हुई और रविवार को तब लोगों की नजर में आई जब इस रस्म के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.
मन्नत पूरी होने पर दंडवत यात्रा
इस युवक की पहचान नरखोरिया गांव के जोगेश के रूप में हुई है. उसने पूरे दिन उपवास रखते हुए बैड़वा समय माता मंदिर तक की यह कठिन यात्रा पूरी की. जोगेश ने सुबह तड़के अपनी यात्रा शुरू की और शाम तक मंदिर पहुंच गया. उसे 9 किलोमीटर की यह दूरी तय करने में लगभग 12 घंटे लगे. पूरी यात्रा के दौरान उसे जय श्री राम और जय बजरंगबली के नारे लगाते हुए सुना गया. जोगेश ने बताया कि उसने अपनी शादीशुदा जिंदगी में चल रही भारी कलह के दौरान यह मन्नत मांगी थी.
तलाक होने पर खुशी
2022 में शादी करने वाले जोगेश ने बताया कि अपनी पत्नी के साथ बार-बार होने वाले झगड़ों की वजह से उसे फ़ैमिली कोर्ट के ज़रिए तलाक लेने का फैसला करना पड़ा. उसका तलाक जनवरी 2026 में पक्का हो गया. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह अपनी उस मन्नत को पूरा करने के लिए वापस लौटा, जिसे उसने देवी-देवता से किया गया वादा बताया था. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह रस्म पहले से अनुमति लेकर पूरी की गई थी.
सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट ने उसके आवेदन को मंज़ूरी दे दी थी और पुलिस ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसके आवागमन में मदद की. स्टेशन हाउस ऑफ़िसर महेश सिंह ने बताया कि रास्ते पर नजर रखने के लिए एक सिपाही तैनात किया गया था. जोगेश के माता-पिता और भाई-बहनों समेत उसके परिवार के सदस्य उसके साथ थे, जबकि रास्ते में गांव के लोग उसके समर्थन में जमा हो गए थे. मंदिर पहुंचकर उसने पूजा-अर्चना की, नारियल चढ़ाया और अपना उपवास तोड़ा.