Delhi Meerut Rapid Rail: दिल्ली से मेरठ का सफर अब ट्रैफिक जाम और घंटों की परेशानी से फ्री होने वाला है. आज पूरे रैपिड रेल रूट का ऑफिशियली उद्घाटन हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. इस 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन चलने से अब दिल्ली से मेरठ की दूरी एक घंटे से भी कम समय में तय की जा सकेगी. रैपिड रेल दिल्ली NCR की सूरत पूरी तरह बदलने जा रही है. मेरठ अब दिल्ली से ज्यादा दूर नहीं रहा। राजधानी दिल्ली के सराय काले खां से मोदीपुरम डिपो तक नमो भारत ट्रेन सर्विस आज से शुरू हो रही है.
अभी तक नमो भारत ट्रेन इस 82 किलोमीटर लंबे ट्रैक के 55 किलोमीटर हिस्से पर चलती थी, जो दिल्ली के अशोक नगर और मेरठ साउथ के बीच है. आज से पूरा कॉरिडोर यात्रियों के लिए खुल जाएगा. नमो भारत ट्रेन शुरू होने से मेरठ से दिल्ली का सफर और भी आसान हो जाएगा. सड़क से जहां यह दूरी पहले सवा दो घंटे में तय होती थी, वहीं अब यह करीब एक घंटे में पूरी हो जाएगी. इससे मेरठ से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जाने वाले रोज़ाना हज़ारों यात्रियों को काफ़ी राहत मिलेगी.
नमो भारत उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ट्रेन का उद्घाटन करेंगे. PM मोदी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रैपिड रेल में सफ़र भी कर सकते हैं. इस कार्यक्रम में सांसद अरुण गोविल भी मौजूद रहेंगे. CM योगी ने शनिवार को शताब्दी नगर में तैयारियों का जायज़ा लिया. PM मोदी मेरठ के मोहिउद्दीनपुर में एक रैली को भी संबोधित करेंगे.
मेरठ मेट्रो उद्घाटन
PM मोदी मेरठ जाएँगे और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाएँगे. वे शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन से रैपिड रेल को भी हरी झंडी दिखाएँगे. वे दोपहर करीब 1 बजे मेरठ मेट्रो में भी सफ़र करेंगे. मेरठ मेट्रो मोदीपुरम से मेरठ साउथ तक चलेगी, जिसमें 12 स्टेशन होंगे. मेरठ मेट्रो की लागत ₹12,930 करोड़ है। PMO ने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक रैली को भी संबोधित करेंगे.
PM मोदी ने क्या कहा?
PM मोदी ने कहा ‘देश में ये पहली बार हो रहा है. जब एक ही स्टेशन, एक ही ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो रेल चलेगी. यानी एक ही प्लेटफॉर्म से आप शहर के भीतर भी यात्रा कर पाएंगे और उसी स्टेशन से सीधे दिल्ली भी आ-जा सकते हैं. PM मोदी ने यह भी कहा हमारी कार्यसंस्कृति ये है कि जिस काम का शिलान्यास किया जाए, उसे पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया जाए. इसलिए अब परियोजनाएं पहले की तरह लटकती, भटकती नहीं हैं. नमो भारत हो या मेट्रो सेवा… दोनों का शिलान्यास करने का अवसर मुझे ही मिला था. और आज मुझे ही इनके लोकार्पण का भी सौभाग्य मिला है.