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Fatehpur BDO Suicide: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी थाना क्षेत्र के अलियाबाद गांव में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) अखिलेश सविता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें लिखा है कि वह अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने से परेशान था. उसकी बेटी की शादी 8 मार्च को होनी थी. BLO की आत्महत्या से उसके परिवार में कोहराम मच गया है. पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. आरोप है कि SDM बिंदकी से शिकायत करने के बावजूद उसे छुट्टी नहीं दी गई और लगातार अधिकारियों का दबाव बनाया जा रहा था. पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
स्कूल में थे शिक्षामित्र
बिंदकी के अलियाबाद गांव के रहने वाले स्वर्गीय भोला सविता के लगभग 40 साल के बेटे अखिलेश सविता गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र थे. वह ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) भी थे और वोटर रिवीजन का काम देखते थे. शनिवार शाम करीब 4:00 बजे उसने प्राइमरी स्कूल के अंदर फांसी लगा ली. उसे देखकर परिवार और गांव वाले हैरान रह गए. उन्होंने शव को फंदे से नीचे उतारा. उसे बचाने की उम्मीद में शव को इलाज के लिए बिंदकी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.
परिवार सदमे में
शिक्षा मित्र की मौत की पुष्टि के बाद परिवार में कोहराम मच गया. घटना की जानकारी होने पर बिंदकी थाने के इंचार्ज इंस्पेक्टर हेमंत कुमार मिश्रा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस सर्किल ऑफिसर गौरव शर्मा भी पहुंचे. तहसीलदार अचलेश सिंह और नायब तहसीलदार सुरेश भी पहुंचे. पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहती थी, लेकिन परिवार वाले बड़े अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे.
सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
BLO की जेब से एक सुसाइड नोट मिला. उसमें उसने सीधे तौर पर SDM और BEO पर बेटी की शादी के लिए छुट्टी न देने और SIR काम के बोझ के दबाव के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने यह भी लिखा कि परिवार की जिम्मेदारी चुनाव आयोग मेरे मरने के बाद करे. मैं अब SIR से मुक्ति पा जाऊंगा.
परिवारवालों ने लगाए गंभीर आरोप
पुलिस ने काफी देर तक शव को कब्जे में लेने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो पाई. परिवार वाले शव को घर ले जाने पर अड़े रहे. इस मामले में परिवार और पुलिस के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया. आखिर में, परिवार ने जबरदस्ती बॉडी को उठाया, गाड़ी में रखा और अपने गांव अलियाबाद ले गए. अलियाबाद पहुंचने पर गांव वालों की भारी भीड़ जमा हो गई. घटना की जानकारी मिलने पर कई थानों की पुलिस अलियाबाद पहुंची.
एक फोरेंसिक टीम उस प्राइमरी स्कूल पहुंची जहां शिक्षा मित्र ने फांसी लगाई थी. घटना की जानकारी मिलने पर ADAM और दूसरे अधिकारी भी पहुंचे. परिवार ने आरोप लगाया कि SIR के दबाव में शिक्षा मित्र ने सुसाइड किया.
8 मार्च को होने वाली थी बेटी की शादी
मृतक की बेटी दिव्यांशी की शादी 8 मार्च को होनी थी. शिक्षा मित्र की मौत से उसकी पत्नी मंजू देवी और बच्चे बहुत दुखी हैं. अधिकारियों द्वारा उसकी पत्नी को नौकरी और ₹750,000 का कैश मुआवजा देने के बाद ही परिवार बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने पर राज़ी हुआ. बताया जा रहा है कि जिस जगह शिक्षा मित्र ने सुसाइड किया, वहां से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें SIR के दबाव का ज़िक्र है.