Ghaziabad Zeeshan Gulfaam Encounter: यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला करने के आरोपी जीशान और उसके भाई गुलफाम उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए. 48 घंटे के अंदर दोनों बेटों को खोने के बाद, उनके पिता बुनियाद अली अमरोहा के रहने वाले है और लकड़ी का काम करते है, ने अब मीडिया से बात की है. उनका दावा है कि अगर इसमें कोई सच्चाई है, तो उनके बेटों ने जुनून में यह कदम उठाया.
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उनका और उनके परिवार का किसी संगठन से कोई लेना-देना नहीं है. अगर उन्हें अपने बेटों के जुनून के बारे में पहले पता होता, तो मैं उनका वो हाल करता जो पुलिस ने भी नहीं किया था.बुनियाद अली ने पुलिस एनकाउंटर की भी निंदा की.
बुनियाद अली 48 घंटे में दूसरी बार हिंडन मॉर्चरी गए, वे अपने बेटों की मौत से दुखी दिखे. जीशान के एनकाउंटर के बाद चुप रहने वाले बुनियाद अली ने गुलफाम के एनकाउंटर के बाद मॉर्चरी में खुलकर बात की. उन्होंने साफ कहा कि दोनों ही पहले मुस्लिम रहे सलीम वास्तिक पर हमले के लिए अकेले जिम्मेदार थे, और परिवार का कोई और सदस्य इसमें शामिल नहीं था. उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया कि जीशान और गुलफाम का किसी आतंकवादी या कट्टरपंथी संगठन से कोई कनेक्शन था. हालांकि, उन्होंने खुले तौर पर माना कि मामले में कुछ सच्चाई थी, इसीलिए पुलिस ने उनके बेटों को एनकाउंटर में मार गिराया.
बुनियाद अली ने बताया कि उनके परिवार पर पीढ़ियों से कोई केस दर्ज नहीं था. वह और उनके दो बेटे लकड़ी का काम करते थे. गुलफाम 2013 में काम के लिए दिल्ली आया और फिर खोड़ा में बस गया. पांच साल पहले जीशान भी उसके साथ आ गया. उन्हें कभी उनके कट्टरपंथी होने का शक नहीं हुआ. गुलफाम शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं, जबकि जीशान की अभी शादी नहीं हुई थी. जुर्म में इस्तेमाल की गई बाइक गुलफाम की थी, लेकिन उसने इसे अपने चाचा के नाम पर खरीदा था. पुलिस ने बाइक अलीगढ़ में उसके घर से बरामद की. इस मामले में जीशान और गुलफाम के मामा का कोई रोल नहीं है; वे बेगुनाह हैं.
हालांकि, बुनियाद अली ने अपने दोनों बेटों के पुलिस एनकाउंटर पर थोड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की. उन्होंने कहा कि पुलिस को उनका एनकाउंटर नहीं करना चाहिए था. उन्हें गिरफ़्तार करके जेल भेज देना चाहिए था. फिर कोर्ट अपना फ़ैसला सुनाता. उन्होंने कहा कि जिन पुलिसवालों ने यह एनकाउंटर किया और ये गलत काम किए, उन्हें भी इसका नतीजा भुगतना होगा. अल्लाह उन्हें उनके किए की सज़ा ज़रूर देगा.