क्या हुआ था उस रात?
जांच में पता चला कि घटना वाली रात लड़कियों ने, जो कोरियाई एंटरटेनमेंट की बहुत बड़ी फैन थीं, अपनी मां का मोबाइल फोन ले लिया था. हालांकि, वे उन कोरियाई ऐप्स और कंटेंट को एक्सेस नहीं कर पाईं जिन्हें वे देखना चाहती थीं. पुलिस ने बताया कि इस वजह से तीनों लड़कियां निशिका (16); प्राची (14) और पाखी (12) ऑनलाइन गेम नहीं खेल पाईं और अपने कोरियाई दोस्तों से बात नहीं कर पाईं. फोरेंसिक टीम ने यह भी कहा कि उन्हें उनकी मां के फोन में कोरियाई कंटेंट ऐप का कोई एक्सेस नहीं मिला.
चेतन कुमार की 3 पत्नियां
पुलिस ने बताया कि कुमार की तीन पत्नियां हैं सुजाता जो कि निशिका की मां है, हीना प्राची और पाखी की मां और टीना है. हैरान करने वाली बात यह है कि तीनों पत्नियां सगी बहनें हैं. पुलिस ने कहा कि आत्महत्या करने वाली तीनों लड़कियां अपने पिता से ज़्यादा जुड़ी हुई लगती थीं. शायद यही वजह है कि उन्होंने सुसाइड नोट में अपने पिता का ज़िक्र किया और कहीं भी अपनी मां का नाम नहीं लिया.
सुसाइड नोट और मैसेज को फोरेंसिक लैब भेजा गया
पुलिस ने कहा है कि इस मामले को आत्महत्या माना जा रहा है और जांच पिता के कथित ऑनलाइन गेमिंग की लत के दावों की पुष्टि करने और परिवार की परिस्थितियों सहित सभी संबंधित पहलुओं की जांच करने पर केंद्रित है. शुरुआती जांच में, जिसमें बहनों के कमरे से मिली नौ पन्नों की पॉकेट डायरी भी शामिल है, कोरियाई संस्कृति और कंटेंट के प्रति गहरा लगाव और कथित पारिवारिक कलह की ओर इशारा मिलता है.