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Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > ‘हाफ एनकाउंटर’ पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस अफसरों को दी चेतावनी, कहा-सजा देना कोर्ट का अधिकार

‘हाफ एनकाउंटर’ पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस अफसरों को दी चेतावनी, कहा-सजा देना कोर्ट का अधिकार

UP Police Half Encounter: हाई कोर्ट ने हाफ एंकाउंडर मामले में यूपी पुलिस को फटकार लगाई है. कहा आरोपी को सजा देना कोर्ट का काम है, न की पुलिस का.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: January 31, 2026 13:22:45 IST

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UP Police Encounter: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की है. हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती पुलिस मुठभेड़ों, खासकर आरोपियों के पैरों में गोली मारकर उन्हें ‘एनकाउंटर’ बताने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई है. 

पुलिस कानून से ऊपर नहीं

जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की सिंगल बेंच ने यह साफ शब्दों में कहा कि पुलिस कानून से ऊपर नहीं है और अपराधी को सजा देना न्यायपालिका का काम है, न की पुलिस सजा देगी.

सजा देना न्यायपालिका का काम

कोर्ट का कहना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस शाबासी, इनाम और समय से पहले के लिए गोली नहीं चला सकती है. आरोपियों को सजा देना कोर्ट का काम है, न कि पुलिस का. कानून से ऊपर कोई नहीं है.

SP, SSP होंगे जिम्मेदार

न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मुठभेड़ों के संबंध में PUCL बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उनके अधिकार क्षेत्र में कड़ाई से पालन नहीं किया जाता है, तो पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और आयुक्तों सहित जिला पुलिस प्रमुख न्यायालय की अवमानना ​​की कार्रवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे.

पुलिस एनकाउंटर पर कोर्ट का सवाल

कोर्ट ने DGP और गृह सचिव से पूछा है कि क्या पुलिस महकमें के लोगों को आरोपियों के पैरों में गोली चलाने या मुठभेड़ का दावा करने के लिए कोई लिखित या मौखिक निर्देश मिले हैं. साथ ही कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा की यह प्रथा अब रेग्यूलर होती जा रही है, जो की अपने सीनियर को खुश करने या आरोपियों को सबक सिखाने के लिए की जाती है.

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UP Police Half Encounter: हाई कोर्ट ने हाफ एंकाउंडर मामले में यूपी पुलिस को फटकार लगाई है. कहा आरोपी को सजा देना कोर्ट का काम है, न की पुलिस का.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: January 31, 2026 13:22:45 IST

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UP Police Encounter: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की है. हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती पुलिस मुठभेड़ों, खासकर आरोपियों के पैरों में गोली मारकर उन्हें ‘एनकाउंटर’ बताने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई है. 

पुलिस कानून से ऊपर नहीं

जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की सिंगल बेंच ने यह साफ शब्दों में कहा कि पुलिस कानून से ऊपर नहीं है और अपराधी को सजा देना न्यायपालिका का काम है, न की पुलिस सजा देगी.

सजा देना न्यायपालिका का काम

कोर्ट का कहना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस शाबासी, इनाम और समय से पहले के लिए गोली नहीं चला सकती है. आरोपियों को सजा देना कोर्ट का काम है, न कि पुलिस का. कानून से ऊपर कोई नहीं है.

SP, SSP होंगे जिम्मेदार

न्यायमूर्ति अरुण कुमार देशवाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मुठभेड़ों के संबंध में PUCL बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उनके अधिकार क्षेत्र में कड़ाई से पालन नहीं किया जाता है, तो पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और आयुक्तों सहित जिला पुलिस प्रमुख न्यायालय की अवमानना ​​की कार्रवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे.

पुलिस एनकाउंटर पर कोर्ट का सवाल

कोर्ट ने DGP और गृह सचिव से पूछा है कि क्या पुलिस महकमें के लोगों को आरोपियों के पैरों में गोली चलाने या मुठभेड़ का दावा करने के लिए कोई लिखित या मौखिक निर्देश मिले हैं. साथ ही कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा की यह प्रथा अब रेग्यूलर होती जा रही है, जो की अपने सीनियर को खुश करने या आरोपियों को सबक सिखाने के लिए की जाती है.

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