IAS Couple Love story: आईएस अंकुर त्रिपाठी और आईएएस कतिका मिश्रा की लव स्टोरी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है. उनकी लव स्टोरी के बारे में लोग चर्चा कर रहे हैं. चर्चा की वजय ये भी है कि कपल महाकुंभ में मिला और अब वे शादी करने जा रहे हैं. ऐसे में लोग ये भी जानना चाहते हैं कि कपल कौन हैं और उनकी लव स्टोरी शादी तक कैसे पहुंची? दरअसल ये दोनों आईएएस अधिकारी हैं और महा कुंभ में दोनों की मुलाकात हुई और अब उनकी लव स्टोरी शादी तक पहुंच गई है. आइए जानते हैं कि कृतिका मिश्रा और अंकुर त्रिपाठी आखिर कौन हैं?
कौन हैं IAS कृतिका मिश्रा?
बता दें कि कृतिका मिश्रा उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली हैं. उनका जन्म यहीं हुआ. कृतिका ने अपनी शुरुआती पढ़ाई भी कानपुर से ही पूरी की. इसके बाद उन्होंने कानपुर यूनिवर्सिटी के पंडित पृथ्वी नाथ कॉलेज से हिंदी साहित्य में ग्रेजुएशन किया. फिर कृतिका ने आईएएस की तैयारी करनी शुरू कर दी. उन्होंने आईएएस का एग्जाम हिंदी में दिया था.
कृतिका को पहले बार में सफलता नहीं मिल सकी. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी. वे पहले से ज्यादा तेजी और लगन से आईएएस की तैयारी में लग गईं. उन्होंने दिन रात मेहनत कर फिर से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और 2022 में उन्हें सफलता मिल ही गई. कृतिका मिश्रा ने यूपीएससी 2022 की परीक्षा में ऑल इंडिया 66वीं रैंक हासिल की.
कौन हैं IAS अंकुर त्रिपाठी?
अंकुर त्रिपाठी ने भी साल 2022 में ही UPSC की परीक्षा पास की और वे IPS अधिकारी बन गए.अंकुर ने साल 2024 में दोबारा आईपीएस की परीक्षा दी और 50वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बन गए.
LBSNAA में बने दोस्त
बता दें कि आईएएस बनने के बाद कृतिका और अंकुर की एक दूसरे से मुलाकात हुई. हालांकि दोननों पहले से ही एक दूसरे को जानते थे. दोनों मसूरी स्थित LBSNAA में फाउंडेशन कोर्स के दौरान मिले थे. तब वे दोनों अच्छे दोस्त थे. जब दोनों की मुलाकात प्रयागराज में हुई, तो दोस्ती प्यार में बदल गई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महाकुंभ में ही ददोनों की लव स्टोरी की शुरुआत हुई. कुछ समय तक दोनों ने एक दूसरे को डेट किया और फिर अपने-अपने घरों में एक दूसरे के बारे में बता दिया.
बीते महीने हुई सगाई
दोनों ने घरवालों की रजामंदी से पिछले महीने सगाई कर ली. कृतिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सगाई की जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ‘एक ऐसा मिलन जहां दो लोगों को एहसास होता है कि वे कभी दो के ही नहीं. मैं इस दिव्य आशीर्वाद के लिए भगवान की शुक्रगुजार हूं.’