Sapna Choudhary in Lucknow Court: हरियाणवी सिंगर और डांसर सपना चौधरी जेल जाने से बाल-बाल बचीं. 4 अप्रैल को सिंगर लखनऊ की एक अदालत में पेश हुईं, जहां उन्होंने अपने खिलाफ जारी जमानती वारंट को वापस लेने की याचिका की. सपना चौधरी के खिलाफ चल रहे मामले में प्रभारी एसीजेएम अनुपम दुबे ने सुनवाई की और फिर वारंट को निरस्त कर दिया. हालांकि कोर्ट ने उन्हें 1,400 रुपये का फाइन भरने और 60 हजार रुपये का मुचलका दायर करने का आदेश दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होना तय है.
कोर्ट से बाहर निकलकर क्या बोलीं सपना चौधरी
कोर्ट से बाहर निकलकर सपना चौधरी ने कहा कि पक्ष-विपक्ष की बात नहीं है. यहां पर सही और गलत की बात है और अगर मैं सही हूं तो इसीलिए बाहर हूं. अगर मैं दोषी होती तो बाहर नहीं होती. उन्होंने कहा कि आरोप लगना और दोषी होना दोनों में बहुत फर्क है. अभी तो कुछ साबित नहीं हुआ है. कोर्ट में सब ठीक था और मुझे अच्छा लगा.
सपना चौधरी के खिलाफ क्या है पूरा मामला?
बता दें कि साल 2018 में लखनऊ के स्मृति उपवन में सपना चौधरी और कुछ अन्य कलाकारों का कार्यक्रम होना था. जो लोग इसका आयोजन कर रहे थे, उन्होंने 300 रुपये के हिसाब से हजारों टिकट बेच डाले. कार्यक्रम वाले दिन उनका काफी इंतजार किया गया और वो रात के 10 बजे तक उस कार्यक्रम में नहीं पहुंची. इसके कारण दर्शकों में काफी नाराजगी देखने को मिली. लोगों ने वहां जमकर तोड़फोड़ की और हंगामा किया. इस मामले में आशियाना थाने के उपनिरीक्षक फिरोज खान ने मामला दर्ज किया.
कोर्ट में पेश न होने के कारण वारंट
इस शिकायत में सपना चौधरी के साथ ही नवीन शर्मा, जुनैद अहमद, अमित पांडेय, रत्नाकर उपाध्याय, अमित पांडेय और इमाद अली के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया. जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी. लंबे समय से सपना चौधरी को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस भेजा जा रहा था, लेकिन वो नहीं पहुंचीं. इसके कारण सपना के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया. आज सपना चौधरी कोर्ट में पहुंचीं और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने का भरोसा दिलाया. साथ ही कहा कि वे इस मामले में पूरा सहयोग करेंगी. इसके बाद उनके खिलाफ जारी किए गए वारंट को निरस्त कर दिया गया.