Lucknow News: यूपी के लखनऊ से एक ऐसा मामला आया है जिसने सभी के मन को दुखी कर दिया. दरअसल, मामला सरोजनीनगर के बेहसा का है, जहां के निवासी जमीर खान का 12 साल का उनैज बचपन से ही रोजा रखता था. परिवार वालों ने बताया कि उनैज सभी नियमों के साथ रोजा रखता था. एक साल पहले उसका एक आरोपी किशोर के जन्मदिन पर आशियाना स्थित स्टैल मैरी स्कूल में विवाद हो गया था. इसके बाद स्कूल में दोनों बच्चों के अभिवावकों को बुलाया गया था.
जानकारी के अनुसार, उनैज के बड़े भाई उसैद ने यह जानकारी दी कि बातचीत के दरमियान आरोपी किशोर के पिता झुझलाते हुए गुस्से में वहां से चले गए थे. फिर इसके बाद से आरोपी ने अपनी एजुकेशन छोड़ दी थी. तब से दोनों बच्चों में भी कोई बातचीत नहीं हो रही थी. एक साल बाद अचानक सोमवार को आरोपी किशोर ने फोन करके उनैज को अपनी बर्थडे पार्टी में शामिल होने के लिए कहा.
जन्मदिन पार्टी में बुलाया
बर्थडे पार्टी में शामिल होने को लेकर उनैज ने कहा कि उसने रोजा रखा है और वह नहीं आ सकेगा. तो आरोपी ने कहा कि ठीक है कुछ देर रुककर चले जाना. इस बातचीत के बाद उनैज आरोपी के लिए उपहार लेकर भी आया और थोड़ी देर बाद वह उनके साथ चला गया. इस दौरान अम्मी-अब्बू ने उसे कई बार टोका कि क्यों जा रहे हो तो उनैज ने कहा सब कुछ ठीक हो रहा है.
माथे पर सटाकर चलाई गोली
इधर, जब पुलिस ने आरोपी किशोर को पकड़ा तो उसने जानकारी दी कि वे सभी पार्टी के दौरान रिवॉल्वर में एक कारतूस डालकर एक-दूसरे पर निशाना लगा रहे थे. ऐसे में गोली उनैज के माथे पर जा लगी और उसकी मौत हो गई. पूछताछ में पता चला कि आरोपी किशोर पिता की रिवॉल्वर लेकर फ्लैट पर पार्टी के लिए गया था. एक कारतूस छोड़कर बाकी निकाल लिए थे और फिर उससे निशाना लगा रहे थे. इस दरमियान सिर के बीच रिवॉल्वर रखकर निशाना लगाया गया और गोली सीधे उनैज के माथे पर जा लगी जिसमें उसकी जान चली गई. फिलहाल, पुलिस इस मामले में लोगों से पूछताछ करने में लगी है.
शव देखने के लिए तड़पता रहा परिवार
इस मामले में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी)दक्षिणी निपुण अग्रवाल के अनुसार, सभी लोगों के बयान दर्ज करने के बाद इसकी भी जांच की जा रही है कि लाइसेंसी रिवॉल्वर उन तक कैसे पहुंची? लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनका नाम भी मुकदमे में बढ़ाने की बात कही है. पिता जमीर ने बताया कि वह बेटे के घर से निकलने के लगभग 4 घंटे बाद उन्हें इसकी सूचना दी गई. आरोपी के पिता ने पत्नी शमा के मोबाइल पर फोन करके इस हादसे की सूचना दी. परिजन लोकबंधू अस्पताल पहुंचे, जहां उनका बेटा मृत पड़ा था. परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें बेटे का शव तक नहीं देखने दिया गया. इसके बाद अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया. दो घंटे तड़पने के बाद पुलिस ने शव देखने दिया.
क्या होता है रशियन रूले?
यह एक तरह का खरतनाक और जानलेवा गेम है, जिसमें रिवॉल्वर के साथ इस तरह की गतिविधि को रशियन रूले कहा जाता है. इसमें रिवॉल्वर में एक गोली डाली जाती है और फिर एक-दूसरे पर एक-एक करके निशाना लगाया जाता है. इस घातक खेल में मौत हो सकती है. पुलिस घटनास्थल वाले अपार्टमेंट पहुंची और पूछताछ की गई. तब यह बात सामने आई कि बच्चे अपार्टमेंट में पार्टी कर रहे थे. इसके बाद कुछ लड़के नीचे पार्किंग में गए और काफी देर तक कार में बैठे रहे. जानकारी के अनुसार इसी गाड़ी में रिवॉल्वर रखी थी, जिसे वह साथ लेकर आए थे.