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लखनऊ यूनिवर्सिटी में भाईचारे की दिखी अनोखी तस्वीर, नमाजियों की ढाल बने हिंदू छात्र, वीडियो वायरल

लखनऊ यूनिवर्सिटी विवाद: लखनऊ यूनिवर्सिटी में हिंदू-मुस्लिम एकता की अनोखी तस्वीर दिखी है. दरअसल हिंदू स्टूडेंट्स ने सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए नमाज़ पढ़ने वालों के पीछे एक सिक्योरिटी घेरा बनाया, जो ढाल का काम कर रहा था.

Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-02-23 19:37:38

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Lucknow University Protest: लखनऊ यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने सिक्योरिटी कारणों से ऐतिहासिक लाल बारादरी बिल्डिंग और उसके अंदर की मस्जिद को सील कर दिया और बैरिकेडिंग कर दी. इस एक्शन के खिलाफ स्टूडेंट लीडर्स और मुस्लिम स्टूडेंट्स ने कैंपस में ज़ोरदार प्रोटेस्ट किया. यूनिवर्सिटी ने यह कदम ASI द्वारा प्रोटेक्शन वाली इस जर्जर बिल्डिंग से किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए उठाया. इसके जवाब में, स्टूडेंट्स ने बैरिकेडिंग हटा दी और मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ी. इस बीच, हिंदू स्टूडेंट्स ने सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए नमाज़ पढ़ने वालों के पीछे एक सिक्योरिटी घेरा बनाया, जो ढाल का काम कर रहा था.

क्यों लगाया गया था लाल बारादरी बिल्डिंग को ताला?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, लाल बारादरी लगभग 200 साल पुरानी ऐतिहासिक बिल्डिंग है, जिसे नवाब नसीरुद्दीन हैदर ने 1800 AD में बनवाया था. यह बिल्डिंग यूनिवर्सिटी की स्थापना से भी पहले की है और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) द्वारा प्रोटेक्शन की जाती है. स्टूडेंट्स का आरोप है कि एडमिनिस्ट्रेशन ने बिना किसी पहले से नोटिस के पुरानी मस्जिद वाले इलाके को सील कर दिया. इस अचानक एक्शन से गुस्साए बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स बारादरी के सामने जमा हो गए और एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ नारे लगाने लगे.

हिंदू-मुस्लिम एकता की दिखी अनोखी तस्वीर

प्रोटेस्ट के दौरान यूनिवर्सिटी कैंपस में एक दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला. जब मस्जिद बंद होने की वजह से मुस्लिम स्टूडेंट्स मस्जिद के गेट के बाहर नमाज़ पढ़ने लगे, तो उनके हिंदू दोस्त उनकी मदद के लिए आ गए और हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की. हाथ पकड़कर, हिंदू स्टूडेंट्स ने नमाज पढ़ रहे स्टूडेंट्स के चारों ओर एक सुरक्षा चेन बना ली. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्टूडेंट्स धर्म की दीवार तोड़कर एकता का मैसेज देते दिख रहे हैं.

अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए, यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि लाल बारादरी बिल्डिंग बुरी तरह डैमेज है और कभी भी गिर सकती है. रजिस्ट्रार के मुताबिक, वहां मौजूद बैंक, क्लब और कैंटीन को भी सुरक्षा कारणों से खाली कराने की ज़रूरत है. एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि उन्होंने ASI को कई लेटर लिखे, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने सुरक्षा कारणों से इलाके में बैरिकेडिंग कर दी. पुलिस की मौजूदगी में, हालात को कंट्रोल करने के लिए स्टूडेंट्स को मनाने की कोशिश की गई.

मामला राजनीतिक गलियारों तक पहुंचा

मस्जिद की सीलिंग और स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट का मुद्दा अब तूल पकड़ रहा है. प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स ने इस मामले में कांग्रेस लीडर इमरान प्रतापगढ़ी से फोन पर बात की. उन्होंने अपनी चिंताएं और मांगें बताईं. प्रतापगढ़ी ने स्टूडेंट्स को भरोसा दिलाया कि वह सही फोरम पर उनकी आवाज उठाएंगे और इस मामले में उनका पूरा सपोर्ट करेंगे. फिलहाल, स्टूडेंट्स इस बात पर अड़े हैं कि जब तक गेट नहीं खुलते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा.

 

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Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-02-23 19:37:38

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Lucknow University Protest: लखनऊ यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने सिक्योरिटी कारणों से ऐतिहासिक लाल बारादरी बिल्डिंग और उसके अंदर की मस्जिद को सील कर दिया और बैरिकेडिंग कर दी. इस एक्शन के खिलाफ स्टूडेंट लीडर्स और मुस्लिम स्टूडेंट्स ने कैंपस में ज़ोरदार प्रोटेस्ट किया. यूनिवर्सिटी ने यह कदम ASI द्वारा प्रोटेक्शन वाली इस जर्जर बिल्डिंग से किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए उठाया. इसके जवाब में, स्टूडेंट्स ने बैरिकेडिंग हटा दी और मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ी. इस बीच, हिंदू स्टूडेंट्स ने सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए नमाज़ पढ़ने वालों के पीछे एक सिक्योरिटी घेरा बनाया, जो ढाल का काम कर रहा था.

क्यों लगाया गया था लाल बारादरी बिल्डिंग को ताला?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, लाल बारादरी लगभग 200 साल पुरानी ऐतिहासिक बिल्डिंग है, जिसे नवाब नसीरुद्दीन हैदर ने 1800 AD में बनवाया था. यह बिल्डिंग यूनिवर्सिटी की स्थापना से भी पहले की है और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) द्वारा प्रोटेक्शन की जाती है. स्टूडेंट्स का आरोप है कि एडमिनिस्ट्रेशन ने बिना किसी पहले से नोटिस के पुरानी मस्जिद वाले इलाके को सील कर दिया. इस अचानक एक्शन से गुस्साए बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स बारादरी के सामने जमा हो गए और एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ नारे लगाने लगे.

हिंदू-मुस्लिम एकता की दिखी अनोखी तस्वीर

प्रोटेस्ट के दौरान यूनिवर्सिटी कैंपस में एक दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला. जब मस्जिद बंद होने की वजह से मुस्लिम स्टूडेंट्स मस्जिद के गेट के बाहर नमाज़ पढ़ने लगे, तो उनके हिंदू दोस्त उनकी मदद के लिए आ गए और हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की. हाथ पकड़कर, हिंदू स्टूडेंट्स ने नमाज पढ़ रहे स्टूडेंट्स के चारों ओर एक सुरक्षा चेन बना ली. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्टूडेंट्स धर्म की दीवार तोड़कर एकता का मैसेज देते दिख रहे हैं.

अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए, यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि लाल बारादरी बिल्डिंग बुरी तरह डैमेज है और कभी भी गिर सकती है. रजिस्ट्रार के मुताबिक, वहां मौजूद बैंक, क्लब और कैंटीन को भी सुरक्षा कारणों से खाली कराने की ज़रूरत है. एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि उन्होंने ASI को कई लेटर लिखे, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने सुरक्षा कारणों से इलाके में बैरिकेडिंग कर दी. पुलिस की मौजूदगी में, हालात को कंट्रोल करने के लिए स्टूडेंट्स को मनाने की कोशिश की गई.

मामला राजनीतिक गलियारों तक पहुंचा

मस्जिद की सीलिंग और स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट का मुद्दा अब तूल पकड़ रहा है. प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स ने इस मामले में कांग्रेस लीडर इमरान प्रतापगढ़ी से फोन पर बात की. उन्होंने अपनी चिंताएं और मांगें बताईं. प्रतापगढ़ी ने स्टूडेंट्स को भरोसा दिलाया कि वह सही फोरम पर उनकी आवाज उठाएंगे और इस मामले में उनका पूरा सपोर्ट करेंगे. फिलहाल, स्टूडेंट्स इस बात पर अड़े हैं कि जब तक गेट नहीं खुलते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा.

 

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