महिला संगम में पवित्र स्नान के लिए आई थी
बता दें कि, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नेहरा गांव की रहने वाली रागिनी अपने पति सुनील कुमार के साथ माघ मेले के दौरान संगम में पवित्र स्नान के लिए प्रयागराज आई थीं. वे सेक्टर चार में ठहरे हुए थे. शनिवार सुबह रागिनी को अचानक लेबर पेन शुरू हो गया. बिना किसी देरी के, उनके परिवार वालों ने उन्हें मेला क्षेत्र के सेक्टर पांच में स्थित गंगा अस्पताल में भर्ती कराया.
गंगा अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिकल स्टाफ ने रागिनी का पूरी सावधानी से इलाज शुरू किया. डॉक्टरों की देखरेख में महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई. कुछ ही देर बाद, रागिनी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, माघ मेले के दौरान गंगा अस्पताल में यह पहली डिलीवरी है.
क्या रखा बच्ची का नाम?
बच्ची के जन्म के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. क्योंकि बच्ची का जन्म संगम क्षेत्र में हुआ था, इसलिए परिवार ने अपनी बेटी का नाम गंगा रखा. बच्चे के जन्म की खुशी में अस्पताल परिसर में मिठाइयां बांटी गईं. परिवार ने इसे एक बड़ा आशीर्वाद माना कि उनकी बेटी का जन्म गंगा और संगम की पवित्र भूमि पर हुआ. डॉक्टर ने बताया कि डिलीवरी पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से हुई. मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं. उन्होंने कहा कि माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्पताल में सभी जरूरी मेडिकल इंतजाम किए गए हैंइ. स सफल डिलीवरी ने अस्पताल की तैयारियों को भी साबित कर दिया है.
सरकारी सहायता दी जाएगी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सरकार महिला को खाने और अन्य खर्चों के लिए 1400 रुपये की आर्थिक सहायता देगी. यह सहायता डिलीवरी के बाद मां की देखभाल और पोषण को ध्यान में रखते हुए दी जाती है. इस घटना के बाद मेले वाले इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार की कोशिशों की भी तारीफ हो रही है.
परिवार ने आभार जताया
रागिनी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है कि उनके बच्चे का जन्म संगम क्षेत्र में हुआ. उन्होंने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को धन्यवाद दिया जिन्होंने समय पर इलाज किया और सुरक्षित डिलीवरी करवाई. परिवार के अन्य सदस्यों ने भी मेला प्रशासन और गंगा हॉस्पिटल की मेडिकल टीम का आभार जताया.