Live
Search
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > Magh Mela 2026: मात्र 6 साल की उम्र, भगवत गीता के श्लोक कंठस्थ! माघ मेले में श्रीश बाहुबली महाराज ने मोहा सबका मन

Magh Mela 2026: मात्र 6 साल की उम्र, भगवत गीता के श्लोक कंठस्थ! माघ मेले में श्रीश बाहुबली महाराज ने मोहा सबका मन

Magh Mela 2026: प्रयागराज में संगम के किनारे चल रहे प्रसिद्द माघ मेले में आध्यात्मिकता और भक्ति का भव्य संगम हो रहा है. साधु-संतों के अलग-अलग रूप इस मेले की सुंदरता बढ़ा रहे हैं. इन सबके बीच, छह साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज चर्चा का विषय बने हुए है.

Written By: Shristi S
Last Updated: January 10, 2026 17:13:35 IST

Magh Mela Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम के किनारे चल रहे प्रसिद्द माघ मेले में आध्यात्मिकता और भक्ति का भव्य संगम हो रहा है. साधु-संतों के अलग-अलग रूप इस मेले की सुंदरता बढ़ा रहे हैं. इन सबके बीच, छह साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज चर्चा का विषय बने हुए है. उन्होंने अपनी मौजूदगी से सबका ध्यान खींचा है. श्रृंगवेरपुर धाम के रहने वाले श्रीश महाराज संगम की रेत पर बाल राम के रूप में दर्शन दे रहे हैं.

श्रीश महाराज ने बताया अपना लक्ष्य

श्रीश महाराज भगवद गीता के श्लोकों के धाराप्रवाह पाठ से साधु-संतों और भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य धर्म का प्रचार करना और लोगों को सनातन धर्म के बारे में जागरूक करना है. श्रीश महाराज रोज़ाना मां गंगा की पूजा करते हैं और राम के वेश में बच्चों को अपने माता-पिता की आज्ञा मानने और अपने गुरुओं का सम्मान करने का संदेश देते हैं.

2024 में पहली बार सुर्खियों में थे आए श्रीश महाराज

प्रयागराज में श्रृंगवेरपुर धाम, जहां से श्रीश महाराज आते हैं, कहा जाता है कि इसका भगवान राम से गहरा संबंध है. राजा दशरथ ने वहीं पुत्रेष्टि यज्ञ किया था और भगवान राम के बचपन के मित्र निषादराज भी इसी स्थान के थे. यहीं पर सद्गुणों के प्रतीक भगवान राम ने अपने शाही कपड़े त्यागे थे. उनका वनवास इसी जगह से शुरू हुआ था और यहीं से केवट, जो नाव चलाने वाला था, ने उन्हें गंगा नदी पार करवाई थी, जिससे वे चित्रकूट क्षेत्र में प्रवेश कर सके.  छह साल के श्रीश बाहुबली महाराज भी 2024 में सुर्खियों में आए जब वे अयोध्या में भव्य रामलला मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भगवान राम के बाल रूप में दिखे. हालांकि वे सिर्फ छह साल के हैं, श्रीश महाराज हर सवाल का जवाब बहुत साफ-साफ देते हैं. श्रीश महाराज ने कहा कि भारत दुनिया का लीडर बनेगा और सनातन धर्म का सम्मान और गौरव पूरी दुनिया में फैलेगा.  उन्होंने अपने विचार एक गाने के रूप में भी व्यक्त किए.

श्रीश महाराज ने योगी सरकार कि की प्रशंसा

उन्होंने माघ मेले में की गई व्यवस्थाओं के लिए योगी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि महाकुंभ जैसी सुविधाएं दी गई हैं. बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं. उन्होंने अयोध्या में राम लल्ला मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान बाल राम के रूप में दर्शन दिए थे. उन्हें कई श्लोक याद हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच पर शिव तांडव का पाठ करने के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है.

प्रेमानंद महाराज का समर्थन

यह गौरतलब है कि संत प्रेमानंद महाराज के बारे में टिप्पणियां किए जाने के बाद, प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम के छह साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज भी उनके समर्थन में आगे आए थे. उन्होंने कहा था कि प्रेमानंद महाराज राधा का नाम जपते हैं और उन्हीं की कृपा से वे किडनी की बीमारी के बावजूद जीवित हैं. बाहुबली श्रीश महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच पर शिव तांडव का पाठ किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मानित किया था.

MORE NEWS

Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > Magh Mela 2026: मात्र 6 साल की उम्र, भगवत गीता के श्लोक कंठस्थ! माघ मेले में श्रीश बाहुबली महाराज ने मोहा सबका मन

Magh Mela 2026: मात्र 6 साल की उम्र, भगवत गीता के श्लोक कंठस्थ! माघ मेले में श्रीश बाहुबली महाराज ने मोहा सबका मन

Magh Mela 2026: प्रयागराज में संगम के किनारे चल रहे प्रसिद्द माघ मेले में आध्यात्मिकता और भक्ति का भव्य संगम हो रहा है. साधु-संतों के अलग-अलग रूप इस मेले की सुंदरता बढ़ा रहे हैं. इन सबके बीच, छह साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज चर्चा का विषय बने हुए है.

Written By: Shristi S
Last Updated: January 10, 2026 17:13:35 IST

Magh Mela Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम के किनारे चल रहे प्रसिद्द माघ मेले में आध्यात्मिकता और भक्ति का भव्य संगम हो रहा है. साधु-संतों के अलग-अलग रूप इस मेले की सुंदरता बढ़ा रहे हैं. इन सबके बीच, छह साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज चर्चा का विषय बने हुए है. उन्होंने अपनी मौजूदगी से सबका ध्यान खींचा है. श्रृंगवेरपुर धाम के रहने वाले श्रीश महाराज संगम की रेत पर बाल राम के रूप में दर्शन दे रहे हैं.

श्रीश महाराज ने बताया अपना लक्ष्य

श्रीश महाराज भगवद गीता के श्लोकों के धाराप्रवाह पाठ से साधु-संतों और भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य धर्म का प्रचार करना और लोगों को सनातन धर्म के बारे में जागरूक करना है. श्रीश महाराज रोज़ाना मां गंगा की पूजा करते हैं और राम के वेश में बच्चों को अपने माता-पिता की आज्ञा मानने और अपने गुरुओं का सम्मान करने का संदेश देते हैं.

2024 में पहली बार सुर्खियों में थे आए श्रीश महाराज

प्रयागराज में श्रृंगवेरपुर धाम, जहां से श्रीश महाराज आते हैं, कहा जाता है कि इसका भगवान राम से गहरा संबंध है. राजा दशरथ ने वहीं पुत्रेष्टि यज्ञ किया था और भगवान राम के बचपन के मित्र निषादराज भी इसी स्थान के थे. यहीं पर सद्गुणों के प्रतीक भगवान राम ने अपने शाही कपड़े त्यागे थे. उनका वनवास इसी जगह से शुरू हुआ था और यहीं से केवट, जो नाव चलाने वाला था, ने उन्हें गंगा नदी पार करवाई थी, जिससे वे चित्रकूट क्षेत्र में प्रवेश कर सके.  छह साल के श्रीश बाहुबली महाराज भी 2024 में सुर्खियों में आए जब वे अयोध्या में भव्य रामलला मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भगवान राम के बाल रूप में दिखे. हालांकि वे सिर्फ छह साल के हैं, श्रीश महाराज हर सवाल का जवाब बहुत साफ-साफ देते हैं. श्रीश महाराज ने कहा कि भारत दुनिया का लीडर बनेगा और सनातन धर्म का सम्मान और गौरव पूरी दुनिया में फैलेगा.  उन्होंने अपने विचार एक गाने के रूप में भी व्यक्त किए.

श्रीश महाराज ने योगी सरकार कि की प्रशंसा

उन्होंने माघ मेले में की गई व्यवस्थाओं के लिए योगी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि महाकुंभ जैसी सुविधाएं दी गई हैं. बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं. उन्होंने अयोध्या में राम लल्ला मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान बाल राम के रूप में दर्शन दिए थे. उन्हें कई श्लोक याद हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच पर शिव तांडव का पाठ करने के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है.

प्रेमानंद महाराज का समर्थन

यह गौरतलब है कि संत प्रेमानंद महाराज के बारे में टिप्पणियां किए जाने के बाद, प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम के छह साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज भी उनके समर्थन में आगे आए थे. उन्होंने कहा था कि प्रेमानंद महाराज राधा का नाम जपते हैं और उन्हीं की कृपा से वे किडनी की बीमारी के बावजूद जीवित हैं. बाहुबली श्रीश महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच पर शिव तांडव का पाठ किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मानित किया था.

MORE NEWS