Maharajganj News: राष्ट्रीय नवाचार अभियान के तहत महाराजगंज जिले की दो शीर्ष रैंकिंग वाली छात्राएं अब अंतरिक्ष को करीब से देखने के लिए तैयार हैं. यह जिले के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है. दोनों छात्राओं को एक एक्सपोजर विज़िट यानी शैक्षिक भ्रमण के लिए चुना गया है. पहली बार वे हवाई यात्रा करके श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र तक पहुंचेंगी, जहां से उनकी आगे की यात्रा शुरू होगी.
चुनी गई छात्राओं में परतावल की गरिमा और प्राथमिक विद्यालय बड़हरा, पनियरा की अनुष्का शामिल हैं. दोनों छात्राओं ने जिले में सर्वाधिक अंक प्राप्त करके यह विशेष मुकाम हासिल किया है. उनका सेलेक्शन स्कूल, ब्लॉक और जिला स्तर पर उनके एक्सीलेंस परफार्मेंस के आधार पर किया गया था.
इस तरह रहेगी यात्रा
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, छात्राएं सोमवार को गोरखपुर से दिल्ली तक स्लीपर बस से यात्रा करेंगी. फिर, यहां से वे इंडिगो की उड़ान से चेन्नई जाएंगी. इसके बाद, दोनों स्टूडेंट्स बस द्वारा श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र के लिए आगे बढ़ेंगी. सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का प्राथमिक प्रक्षेपण स्थल है. यहां से चंद्रयान, मंगलयान और आदित्य-L1 जैसे अहम मिशनों का प्रक्षेपण किया गया है. इस केंद्र में दो सक्रिय लॉन्च पैड, एक रॉकेट असेंबली केंद्र और एक मिशन नियंत्रण केंद्र मौजूद हैं.
अंतरिक्ष कार्यक्रम के बारे में जानेंगी
इस यात्रा के दौरान, छात्राएं लॉन्च व्यू गैलरी, अंतरिक्ष संग्रहालय और रॉकेट गार्डन का भ्रमण करेंगी. यहां उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट प्रौद्योगिकी और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त होगी. सरकारी स्कूलों से आने वाली इन छात्राओं के लिए यह उनकी पहली हवाई यात्रा और साथ ही इतना विशाल वैज्ञानिक अनुभव किसी सपने के सच होने जैसा है. इस उल्लेखनीय उपलब्धि को लेकर पूरे जिले में इस समय खुशी और गर्व का माहौल है.
छात्राओं ने बढ़ावा मान
गोरखपुर की AD (बेसिक शिक्षा), संगीता सिंह ने कहा कि विभाग इस शैक्षिक भ्रमण की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. उन्होंने घोषणा की कि वे छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें मार्गदर्शन देने और एक समृद्ध अनुभव प्रदान करने के लिए व्यक्तिगत रूप से उनके साथ जाएंगी. उन्होंने आगे बताया कि चुनी गई छात्राएं जिले की शीर्ष शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाली छात्राएं हैं, और यह उपलब्धि पूरे प्रशासनिक मंडल का गौरव बढ़ाएगी. टीचर का कहना है कि छात्राओं ने न सिर्फ माता-पिता का बल्कि अपने पूरे जिले का मान बढ़ावा है. छात्राओं की मेहनत ही है जो आज उन्हें इस बढ़े अवसर का साक्षी बनने का मौका मिला है.