Agra Viral Video: आगरा के रहने वाले युवक विष्णु तिवारी ने झूठे दुष्कर्म के आरोप में आगरा की सेंट्रल जेल में 20 साल बिताए. बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे बेगुनाह मानते हुए रिहा कर दिया. जब वह जेल से रिहा, तो उनके माता-पिता का निधन हो चुका था और उनकी जिंदगी तबाह हो चुकी थी. इसका एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है, जिसे देख नेटिजंस तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. देखें वीडियो.
क्या है वायरल वीडियो?
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति जेल से बाहर निकलते हुए फूट-फूटकर रोता हुआ दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि विष्णु तिवारी के नाम के इस व्यक्ति को झूठे दु्ष्कर्म के मामले में 20 साल जेल में बिताने पड़े. बाद में साल 2021 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील श्वेता सिंह राणा की मदद से मामले की सुनवाई की और युवक को बेगुनाह मानते हुए रिहा कर दिया.
His brother spent 20 yrs in jail over a false rape case. Parents & elder brother died; he couldn’t attend funerals or marry due to stigma. Jailed at 23, freed at 43. Advocate Shweta Singh Rana proved it false.
pic.twitter.com/k1GzdDODaV— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) February 2, 2026
20 साल में कभी जेल से बाहर नहीं आया
साल 2000 में उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के रहने वाले विष्णु तिवारी को दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. साल 2003 में निचली अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए आगरा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा सुना दी. उस समय विष्णु की उम्र सिर्फ 23 साल थी. इसके बाद उन्हें कभी जमानत नहीं मिली और वे लगातार जेल में ही रहे. अगले 20 साल तक विष्णु कभी भी जेल से बाहर नहीं आ सके, न ही पैरोल पर. बताया जाता है कि कोरोना काल में भी, जब कई कैदियों को भीड़ कम करने के लिए छोड़ा गया, तब भी उन्हें रिहाई नहीं मिली.
माता-पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं हो सका शामिल
बताया जाता है कि जेल में रहने के दौरान ही विष्णु तिवारी के माता-पिता और दो भाइयों की मौत हो गई. परिवार को समाज से अलग-थलग कर दिया गया और उनकी पांच एकड़ जमीन भी बिक गई. रिपोर्ट के अनुसार, विष्णु को अपने परिवार के लोगों के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति भी नहीं दी गई.
नेटिजंस ने जताई नाराजगी
इस वीडियो के सामने आते ही नेटिजंस की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. एक यूजर ने बोला, ‘भारत में न्याय व्यवस्था एक मजाक है. अगर आपके पास पैसा नहीं है तो आपका जीवन यापन करना मुश्किल है. यह बात कड़वी है, पर सच है.’ वहीं दूसरे यूजर ने कहा, ‘कभी-कभी न्याय किसी निर्दोष का जीवन तबाह कर देता है.’ इसके अलावा अन्य यूजर्स ने कहा कि उस व्यक्ति के खिलाफ झूठा केस करने वाले को गिरफ्तार करो.