IPS Aparna Kaushik: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक महिला IPS अधिकारी को सोशल मीडिया पर जिस तरह की उत्पीड़न का सामना करना पड़ा उसने एक बार फिर डिजिटल दुनिया के स्याह पहलू को उजागर कर दिया है. मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक अपर्णा कौशिक एक अपराधी के खिलाफ की गई कार्रवाई के संबंध में एक आधिकारिक बयान दे रही थीं. जैसे ही यह वीडियो मिर्जापुर पुलिस के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर साझा किया गया यह तेजी से वायरल हो गया. हालांकि चर्चा पुलिस की कार्रवाई पर केंद्रित होने के बजाय कमेंट सेक्शन में बातचीत महिला अधिकारी की शारीरिक बनावट पर केंद्रित हो गई. देखते ही देखते लोगों ने उनके शरीर के बारे में बेहद अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां करना शुरू कर दिया जिससे स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को कमेंट सेक्शन को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा लेकिन बॉडी शेमिंग करने वाले उनलोगों को ये नहीं पता है कि उन्हें कितनी बड़ी सजा काटनी पड़ सकती है. वो शायद नहीं जानते हैं कि किसी की बॉडी शेमिंग (शारीरिक बनावट पर ताना मारना) करने पर कितनी कड़ी सजा मिल सकती है? आइए इसके बारे में जानते हैं. उससे पहले जानते हैं कौन हैं आईपीएस अपर्णा कौशिक कौन हैं आईपीएस अपर्णा कौशिक रिपोर्ट्स के अनुसार, अपर्णा कौशिक का जन्म 7 मार्च, 1991 को उत्तर प्रदेश के रामपुर में हुआ था. अपर्णा ने अपनी स्कूली शिक्षा 10वीं कक्षा तक दयावती मोदी अकादमी से पूरी की. 2006 में वह अपनी हाई स्कूल परीक्षाओं में राज्य टॉपर बनकर उभरीं. इसके बाद, वह अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के लिए जयपुर चली गईं. अपर्णा के पास प्रयागराज में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) से B.Tech की डिग्री है. दुख की बात है कि अपर्णा ने अपने पिता को अपने जन्म से पहले ही खो दिया था. उनका पालन-पोषण उनकी माँ प्रीति गौतम ने किया. गौरतलब है कि अपर्णा की माँ ने भी 1985 में UPSC परीक्षा पास की थी. IPS अधिकारी बनने से पहले अपर्णा ने गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में बिजनेस एनालिस्ट के तौर पर काम किया था. जो लोग अपमानजनक टिप्पणियाँ कर रहे हैं उन्हें शायद यह पता नहीं है कि अपर्णा कौशिक ने अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला किया था. जिसमें गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में उन्हें ₹18 लाख का सालाना पैकेज मिल रहा था ताकि वह अपना पूरा ध्यान UPSC परीक्षाओं की तैयारी पर लगा सकें. अपर्णा कौशिक IPS अधिकारियों के 2015 बैच से संबंधित हैं. उन्होंने 2018 में रजत कौशिक से शादी की. शादी का समारोह उत्तराखंड के त्रियुगीनारायण मंदिर में बेहद सादगी के साथ संपन्न हुआ. शादी पर भारी-भरकम खर्च करने के बजाय अपर्णा ने अपनी बचत की राशि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समर्पित एक संगठन को दान कर दी. उनके इस फैसले की हर तरफ खूब सराहना हुई. अपर्णा इससे पहले शाहजहांपुर में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. वहां अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने एक बलात्कार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए एक आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी. कर्तव्य के प्रति उनके इस निडर दृष्टिकोण को मान्यता देते हुए उन्हें DG कमेंडेशन डिस्क के रजत और स्वर्ण दोनों पदकों से सम्मानित किया गया है. अपर्णा रजत कौशिक ने अमेठी जिले में भी पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया है. इसके अतिरिक्त उन्होंने कासगंज और औरैया में भी अपनी सेवाएं दी हैं और लखनऊ में पुलिस उपायुक्त (DCP) के पद पर भी कार्य किया है. भारत में बॉडी-शेमिंग को लेकर कानून क्या कहता है? मिर्ज़ापुर जैसी घटनाओं के मामलों में, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कुछ खास धाराएँ लागू होती हैं. अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से किसी महिला के ख़िलाफ अपमानजनक टिप्पणी करता है तो उस पर मानहानि का मामला दर्ज किया जा सकता है. BNS की धारा 500 के तहत दोषी पाए जाने पर, आरोपी को दो साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है या उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा अगर ऐसी टिप्पणियाँ सोशल मीडिया पर की जाती हैं तो IT एक्ट के प्रावधान भी लागू होते हैं जिससे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर किसी व्यक्ति की गरिमा का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ कानूनी शिकंजा और कस जाता है. Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्रोतों से संकलित की गई है.