Mughalsarai News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय के अग्रवाल सेवा संस्थान में व्यापारियों और अधिवक्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों को कथित तौर पर मिल रहे अन्याय पर विस्तृत चर्चा हुई.
मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों की बैठक.
Mughalsarai News: मुगलसराय के अग्रवाल सेवा संस्थान में व्यापारियों और अधिवक्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों को कथित तौर पर मिल रहे अन्याय पर विस्तृत चर्चा हुई.
किसान न्याय मोर्चा के प्रदेश संयोजक अधिवक्ता महेंद्र शाह ने बताया कि वर्ष 2015 के उत्तर प्रदेश शासनादेश के तहत हो रहे सड़क चौड़ीकरण में प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारी चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे हैं.
शाह ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 6 नवंबर 2024 को निर्धारित दिशा-निर्देशों और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेशों का स्थानीय स्तर पर पालन नहीं हो रहा है. उन्होंने बताया कि चंदौली डीएम के निर्देशों के बावजूद, एसडीएम, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता और स्थानीय पुलिस नियमों की अनदेखी कर रहे हैं.
शाह ने यह भी बताया कि 26 अप्रैल को व्यापारियों को बिना किसी नोटिस, सुनवाई या लिखित आदेश के माइक के माध्यम से मकान खाली करने की चेतावनी दी गई थी, जो नियमों का उल्लंघन है. इस घटना के बाद, व्यापारियों ने डीएम से मिलकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करने का निर्णय लिया है.
बैठक में मुआवजे की मांगें भी स्पष्ट रूप से रखी गईं. अधिवक्ताओं ने कहा कि व्यापारी सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय मानकों के अनुसार ही सड़क निर्माण चाहते हैं. यदि निर्धारित सीमा से अधिक जमीन ली जाती है, तो 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत उचित मुआवजा मिलना चाहिए.
अधिवक्ताओं ने मुआवजे के लिए निम्नलिखित प्रावधान बताए: यदि भूमि आबादी श्रेणी (6/2) में आती है, तो जमीन और मकान दोनों का मुआवजा मिलेगा. बंजर या नवीन परती भूमि पर केवल निर्माण (मकान/दुकान) का मुआवजा दिया जाएगा. भूमिधरों को 2013 के कानून के तहत मुआवजे के साथ प्रति परिवार 5 लाख रुपये का राहत पैकेज भी मिलना चाहिए.
बैठक में दक्षिण पटरी के किराएदार व्यापारियों के लिए भी प्रावधानों पर चर्चा की गई. बताया गया कि यदि कोई किराएदार व्यापारी अपनी दुकान या मकान चला रहा है, तो उसे संरचना (दुकान/मकान) का मुआवजा मिलेगा, हालांकि जमीन का नहीं.
बैठक के अंत में, व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रशासन से न्यायपूर्ण कार्रवाई और उनकी मांगों को पूरा करने की अपील की.
न्याय की मांग करने और जल्द ही डीएम चंदौली से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखने का निर्णय लिया.
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