Gorakhpur AIIMS Harassment Case: बीते सोमवार यानी 23 फरवरी को पुलिस के अनुसार AIIMS गोरखपुर में कार्यरत नागालैंड की एक तीसरे वर्ष की रेजिडेंट डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ हुई. संस्थान के पास तीन लोगों ने कथित रूप से डॉक्टर पर नस्लीय टिप्पणी की, उसका पीछा किया और शारीरिक रूप से परेशान किया. पीड़ित डॉक्टर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में प्रशिक्षण ले रही है. रविवार शाम जब वह अपने परिसर लौट रही थीं, तब यह घटना घटी.
डॉक्टर ने क्या लगाया आरोप?
पीड़ित डॉक्टर ने शिकायत करते हुए बताया कि 22 फरवरी की रात गोरखपुर में तीन अज्ञात युवकों ने उनके साथ छेड़छाड़ की और नस्लीय टिप्पणियां कीं. शिकायत के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब 8 बजे की है, जब वह ओरियन मॉल से वापस लौट रही थीं. इसी दौरान तीन मनचलों ने उनका लगभग डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया. रास्ते में उन युवकों ने पीड़ित डॉक्टर को कई अपमानजनक बातें कहीं. बताया गया है कि आरोपियों में से एक ने उन्हें डराने के इरादे से अपनी कमीज भी उतार दी. फिर गोरखपुर एम्स परिसर के गेट नंबर 2 के पास, आरोपियों में से एक ने डॉक्टर को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की. डॉक्टर के शोर मचाने पर तीनों वहां से भाग गए. घटना के बाद पीड़िता ने नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (NAFORD) से संपर्क किया और नस्लीय भेदभाव व उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई.
क्या है केस को लेकर अपडेट?
शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने डॉक्टर की शिकायत के आधार पर संबंधित पुलिस स्टेशन में प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की, जिसके तहत सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. इसके बाद पुलिस ने 23 फरवरी को सूरज गुप्ता और अमृत विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जो देवरिया के रहने वाले थे. वहीं जानकारी के मुताबिक पुलिस ने तीसरे आरोपी आदित्य राव को भी गिरफ्तार कर लिया है. वह भी देवरिया का ही रहने वाला है. अब पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.
मेघालय के सीएम ने बताया शर्मनाक
इस घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने X पर लिखा, ‘पूर्वोत्तर की महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न को सिर्फ सुर्खियां बनाकर, सनसनीखेज बनाकर भुला दिया जाना और हर बार कोई नई घटना सामने आने पर फिर से उठाया जाना उचित नहीं है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित AIIMS की एक नागालैंड निवासी डॉक्टर के साथ हुआ नस्लीय और यौन उत्पीड़न बेहद शर्मनाक है. किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना एक सभ्य राष्ट्र को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए. वे भी आपकी बहनें और बेटियां हैं. अधिकारियों से आग्रह है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
Racial discrimination and sexual harassment of women from the North East should not just be a headline, sensationalized, forgotten and revived every time a fresh incident appears.
The racial and sexual abuse of a resident Doctor of AIIMS Gorakhpur, Uttar Pradesh from Nagaland…
— Conrad K Sangma (@SangmaConrad) February 24, 2026