Waterlogging In Noida Airport: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में भारी बारिश के बाद नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जलभराव हो गया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लोग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हवाई अड्डा की स्थिति देखने के बाद आलोचना कर रहे हैं.
वायरल हुए इस फुटेज में हवाई अड्डे के पार्किंग क्षेत्र और मुख्य टर्मिनल को जोड़ने वाले मार्ग में बारिश का पानी जमा होता दिख रहा है, जिससे हवाई अड्डे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर व्यापक सवाल उठ रहे हैं.
नोएडा हवाई अड्डे पर बारिश के पानी को लेकर विवाद
वायरल वीडियो में, हवाई अड्डे के परिसर के कुछ हिस्सों में यात्रियों और दर्शकों को टखनों तक पानी में से होकर गुजरते देखा जा सकता है. इस हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल किया था और इसके पहले चरण के विकास में लगभग 11,200 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इस घटना ने एक तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस परियोजना की भारी लागत और मानसून की बारिश से निपटने में इसकी स्पष्ट अक्षमता के बीच असमानता पर निराशा व्यक्त की है. एक यूजर ने व्यंग्य करते हुए कहा, “अब वेनिस जाने की कोई जरूरत नहीं है; कई भारतीय शहर पानी में डूब चुके हैं. हमसे ‘स्मार्ट सिटी’ का वादा किया गया था, लेकिन लगता है कि हमें ‘डूबते शहर’ मिल रहे हैं. शायद भविष्य में नाव ही हमारा मुख्य परिवहन साधन होगी.”
विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना की
विपक्षी दलों ने कथित प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सरकार पर निशाना साधने का मौका तुरंत लपक लिया. कांग्रेस पार्टी ने बुनियादी ढांचे की खराब हालत की निंदा करते हुए जलभराव को मौजूदा प्रशासन के “भ्रष्ट मार्गदर्शन” का सीधा परिणाम बताया. वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने ट्विटर पर वायरल वीडियो शेयर करके आलोचना को और तेज़ कर दिया. उन्होंने पोस्ट में बताया कि इस सुविधा का निर्माण लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था और इसका उद्घाटन महज छह महीने पहले हुआ था. उन्होंने तर्क दिया कि भारी बारिश की पहली ही बौछार ने मोदी सरकार के तहत घटिया निर्माण की सच्चाई उजागर कर दी है.
हवाई अड्डा अधिकारियों ने जारी किया स्पष्टीकरण
जनता के बढ़ते विरोध के जवाब में, हवाई अड्डा अधिकारियों ने एक औपचारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि जलभराव अस्थायी था. एक प्रवक्ता ने बताया कि कम समय में हुई अत्यधिक भारी बारिश के कारण टर्मिनल भवन को पार्किंग क्षेत्र से जोड़ने वाली सड़क पर पानी जमा हो गया था. अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि जल निकासी की समस्या से उड़ान संचालन, यात्रियों की आवाजाही या हवाई अड्डे के समग्र कामकाज पर किसी भी तरह से कोई असर नहीं पड़ा. उन्होंने आगे कहा कि समर्पित रखरखाव टीमें लगातार साइट की निगरानी कर रही हैं और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक उपाय कर रही हैं, ताकि यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके.