Noida Protest Traffic Update: नोएडा फेज-2 थाना के अंतर्गत नामी कंपनी के कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन ने एनसीआर के वाहन चालकों के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशान कर दिया है. इसका असर दिल्ली और गाजियाबाद के यातायात पर भी नजर आने लगा है. सोमवार सुबह घर से दफ्तर और अन्य कामों के लिए घरों से निकले लोग परेशान नजर आए. कई जगहों पर मिनटों का सफर तय करने में घंटे लगे. मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा के सेक्टर 62, 63, 64, 65 और 66 में प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी लगातार सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
जाम से बचने के लिए लें मेट्रो का सहारा
सड़कों पर भारी जाम के चलते लोगों को सलाह दी जा रही है कि वो गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो सेवाओं की मदद लें. सड़कों पर जाम के चलते दिल्ली और गाजियाबाद जाने के लिए मेट्रो ट्रेनों का विकल्प ही लोगों को समय पर गंतव्य तक पहुंच सकता है.
#WATCH उत्तर प्रदेश: नोएडा फेज़ 2 में कंपनी के पास के इलाके में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का विरोध हिंसक हो गया।
प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों और प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया गया और पत्थरबाज़ी भी हुई। यहां भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। pic.twitter.com/VBiP5A9YvB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 13, 2026
पुलिस की गाड़ियों में भी की गई तोड़फोड़
यहां पर बता दें कि प्रदर्शन ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. खासतौर से वाहन चालक जाम में काफी देर तक फंसे रहे. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर खड़ी गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की. इसके बाद कर्मचारियों ने एनएच-9 को पूरी तरह से बंद कर दिया. इसके चलते वाहनों का आवागमन रोका गया. मेरठ एक्सप्रेसवे पर 3 किलोमीटर तक लंबा जाम लगा हुआ है. इससे अपने ऑफिस की तरफ जाते लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
क्या कहा पुलिस अधिकारी ने
कर्मचारियों के प्रदर्शन और पत्थरबाजी पर गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट ने कहा है कि हालात को देखते हुए औद्योगिक इकाई क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात हैं. पुलिस एवं प्रशासनिक उच्चाधिकारियों के साथ-साथ पुलिस बल के सभी स्थानों पर उपस्थित हैं. जरूरत के अनुसार, न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए शांति व्यवस्था बनाई जा रही है.
कंपनी के बाहर पथराव
मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा फेज-2 थाना क्षेत्र स्थित कंपनी के बाहर अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने भारी पथराव किया. इसके साथ ही कर्मचारियों ने सड़कों पर कई वाहनों में आग लगा दी. इस बीच सूचना पर पहुंची पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग कर कर्मचारियों पर काबू पाया.