Live
Search
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > ‘दम घुटने और फिर…’, नोएडा टेक्नीशियन की मौत में पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट से हुआ सनसनीखेज खुलासा

‘दम घुटने और फिर…’, नोएडा टेक्नीशियन की मौत में पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट से हुआ सनसनीखेज खुलासा

Yuvraj Mehta Death: नोएडा टेक्नीशियन युवराज मेहता की मौत की पोस्ट- मॉर्टम रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें सनसनीखेज खुलासा हुआ है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें की रिपोर्ट में क्या सामने आया है.

Written By: Shristi S
Last Updated: January 19, 2026 20:47:36 IST

Mobile Ads 1x1
Noida Techie Death Case: ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के सेक्टर 150 इलाके में एक 27 साल के टेक्नीशियन युवराज मेहता (Yuvraj Mehta) की कार नाले में गिरने से मौत हो गई. ऑटोप्सी रिपोर्ट में पता चला है कि पीड़ित की मौत डूबने से दम घुटने और फिर कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई. युवराज मेहता 16-17 जनवरी की रात को ऑफिस से लौट रहे थे, तभी सेक्टर 150 चौराहे पर उनकी कार एक नाले की बाउंड्री तोड़कर पानी में गिर गई.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, युवराज मेहता 16 जनवरी की देर रात अपने गुरुग्राम ऑफिस से सेक्टर 150 में टाटा यूरेका पार्क स्थित अपने घर लौट रहे थे. घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बहुत कम थी, तभी उनकी मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा सड़क से उतरकर एक खाली प्लॉट पर पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई. एक बिल्डिंग के बेसमेंट के लिए खोदे गए इस गड्ढे की गहराई 20 या 50 फीट से ज़्यादा होने का अनुमान था,  यह बारिश के पानी से भरा था और इसके चारों ओर कोई बैरिकेड, चेतावनी के निशान या रिफ्लेक्टिव मार्कर नहीं थे.

हादसे के बाद, युवराज कार की छत पर चढ़ गए और अपने पिता राज कुमार मेहता को फोन किया. उनके पिता तुरंत मौके पर पहुंचे. राज कुमार ने बताया कि जब मेरा बेटा फंसा हुआ था, तो उसने खुद मुझे फोन किया. उसने कहा, पापा, मैं फंस गया हूं, कार नाले में गिर गई है’. युवराज गुरुग्राम की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करते थे और अपने पिता के साथ सेक्टर 150 की एक ऊंची बिल्डिंग में रहते थे. उनकी मां का लगभग दो साल पहले निधन हो गया था.

पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट में क्या आया मौत का कारण?

गौतम बुद्ध नगर के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस, राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार, पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी मौत डूबने से हुई. एडिशनल कमिश्नर ने आगे कहा कि हमने आगे की रिपोर्ट के लिए खून के सैंपल और विसरा सुरक्षित रख लिए हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि युवराज का पानी के अंदर दम घुट गया और उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसमें पुष्टि हुई कि उनके फेफड़ों में लगभग 200 मिलीलीटर फ्लूइड था.

चश्मदीदों ने क्या कहा?

चश्मदीदों ने बताया कि युवराज घने कोहरे के कारण गड्ढे में गिर गए और पुलिस के मौके पर पहुंचने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. एक चश्मदीद, मोहिंदर, जिसने मदद करने की कोशिश की, उसने कहा कि लगभग एक घंटे पैंतालीस मिनट तक, वह मदद के लिए गुहार लगाता रहा, कह रहा था, कृपया मुझे बचा लो, किसी भी तरह से मुझे बचा लो.

परिवार ने क्या कहा?

युवराज के पिता, राजकुमार मेहता ने कहा कि उनका बेटा लगभग दो घंटे तक पानी में ज़िंदा रहा और जब लोग मौके पर जमा होकर वीडियो बना रहे थे, तब वह बेताब होकर मदद के लिए पुकार रहा था. उन्होंने कहा कि मौजूद अधिकारी और कर्मचारी उसे बचा नहीं पाए. उनके पास कोई गोताखोर नहीं थे. इस पूरे मामले में प्रशासन की तरफ से लापरवाही हुई है.

FIR में राजकुमार ने क्या आरोप लगाए?

हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा देखी गई अपनी पुलिस शिकायत में, राज कुमार ने आरोप लगाया कि सेक्टर 150 के निवासियों ने नोएडा अथॉरिटी से नाले के पास बैरिकेड्स और रिफ्लेक्टर लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. पुलिस ने कहा कि पानी के गड्ढे की चारदीवारी कुछ जगहों से टूटी हुई थी. हालांकि, यह साफ नहीं था कि कार बेसमेंट में कैसे गिरी और पूरी तरह से डूब गई. कोहरे के कारण कम विजिबिलिटी और तेज रफ़्तार को दुर्घटना के कारणों में से एक माना जा रहा है.

पुलिस ने आगे कहा कि उन्होंने युवराज को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई, अंधेरे और घने कोहरे के कारण बचाव मुश्किल हो गया. ग्रेटर नोएडा के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, हेमंत उपाध्याय ने कहा कि हमें डर था कि अगर कोई उसे बचाने के लिए पानी में उतरता तो और भी जानें जा सकती थीं. यह हमारे लिए और भी बुरा हो सकता था.

बिल्डरों के खिलाफ FIR

जिस प्लॉट पर हादसा हुआ, उसके मालिक दो बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. उपाध्याय ने बताया कि मृतक के पिता की शिकायत पर, नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना) और 125 (जान को खतरे में डालने वाला काम) के तहत प्लॉट के मालिक दो बिल्डरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

MORE NEWS

 

Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > ‘दम घुटने और फिर…’, नोएडा टेक्नीशियन की मौत में पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट से हुआ सनसनीखेज खुलासा

Archives

More News