क्या है पूरा मामला?
हादसे के बाद, युवराज कार की छत पर चढ़ गए और अपने पिता राज कुमार मेहता को फोन किया. उनके पिता तुरंत मौके पर पहुंचे. राज कुमार ने बताया कि जब मेरा बेटा फंसा हुआ था, तो उसने खुद मुझे फोन किया. उसने कहा, पापा, मैं फंस गया हूं, कार नाले में गिर गई है’. युवराज गुरुग्राम की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करते थे और अपने पिता के साथ सेक्टर 150 की एक ऊंची बिल्डिंग में रहते थे. उनकी मां का लगभग दो साल पहले निधन हो गया था.
पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट में क्या आया मौत का कारण?
चश्मदीदों ने क्या कहा?
परिवार ने क्या कहा?
FIR में राजकुमार ने क्या आरोप लगाए?
पुलिस ने आगे कहा कि उन्होंने युवराज को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई, अंधेरे और घने कोहरे के कारण बचाव मुश्किल हो गया. ग्रेटर नोएडा के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, हेमंत उपाध्याय ने कहा कि हमें डर था कि अगर कोई उसे बचाने के लिए पानी में उतरता तो और भी जानें जा सकती थीं. यह हमारे लिए और भी बुरा हो सकता था.