Live
Search
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > अखिलेश यादव ने रिलीज किया अपना ‘PDA पंचांग’, जानिए इसमें क्या है खास? यूपी चुनाव अभी दूर फिर? क्या है इसका यूपी चुनाव रणनीति से कनेक्शन?

अखिलेश यादव ने रिलीज किया अपना ‘PDA पंचांग’, जानिए इसमें क्या है खास? यूपी चुनाव अभी दूर फिर? क्या है इसका यूपी चुनाव रणनीति से कनेक्शन?

PDA Panchang: समाजवादी पार्टी ने नए साल 2026 की शुरुआत PDA पंचांग के साथ की है. इसमें PDA समाज से जुड़े महामहापुरुषों की जयंती, पुण्यतिथि, सामाजिक आंदोलनों के महत्वपूर्ण दिन और राष्ट्रीय पर्व शामिल हैं. इसे यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर भी देखा जा रहा है.

Written By: JP YADAV
Last Updated: January 6, 2026 15:50:22 IST

Mobile Ads 1x1

PDA Panchang: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार पिछड़ा अल्पसंख्यक दलित (PDA) को लेकर बड़ा खेल खेला है. अखिलेश यादव ने PDA पंचांग जारी कर इशारा किया है कि 2027 में समाजवादी पार्टी पीडीए पर दांव खेलेगी. अखिलेश यादव पीडीए के जरिये ही लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को पटखनी देते हुए अच्छी खासी सीटें हासिल कर चुके हैं. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के लिए समाजवादी पार्टी कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा. बताया जा रहा है कि पंचांग जारी करके यूपी में कमजोर पड़ी बहुजन समाज पार्टी के वोटबैंक पर अखिलेश यादव ने नजरें टिका दी हैं. 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी एक बार फिर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में जुट गई है. इसी के मद्देनजर पीडीए का पंचांग जारी किया गया है.

क्या है पीडीए पंचांग में

पीडीए पंचांग में पिछड़ा, अल्पसंख्यक और दलित समाज से जुड़े महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथियों को विशेष तौर पर शामिल किया गया है. इसके साथ ही पीडीए पंचांग में धार्मिक पंचांगों की तरह दीवाली, होली समेत अन्य त्योहार और अमावस्या और पूर्णिमा की तिथियों की जानकारी दी गई है. इसके साथ ही इस पंचांग में राष्ट्रीय पर्वों, ऐतिहासिक दिवसों और सामाजिक आंदोलनों से संबंधित अहम दिन भी शामिल किए गए हैं.

पंचांग को लेकर क्या है समाजवादी पार्टी की राय

पीडीए पंचांग को लेकर समाजवादी पार्टी का कहना है कि समाज को अपने नायकों को याद करने और उनके विचारों से प्रेरणा लेने का अवसर देगा. अखिलेश यादव का कहना है कि पीडीए समाज की एकता, चेतना और अधिकारों की लड़ाई समाजवादी आंदोलन की आत्मा रही है. ऐसे में पीडीए पंचांग समाज को उसके महापुरुषों, उनके विचारों और संघर्षों से जोड़ने का काम करेगा. उन्होंने कहा कि इस पंचांग में समाजवादी और बहुजन आंदोलन से जुड़े महापुरुषों के जीवन, योगदान और संघर्षों को भी जगह दी गई है.

अखिलेश यादव की नजर दलित वोट बैंक पर

 यहां पर बता दें कि 2024 लोकसभा चुनावों में SP को बहुत अच्छी जीत मिली थी. भारतीय जनता पार्टी को आधी सीटों पर समेट दिया था. ऐसे में 2027 के लिए अभी से समाजवादी पार्टी जमीन तैयार कर रही है. जहां SP और कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया तो वहीं बहुजन समाज पार्टी शून्य पर सिमट गई. ऐसे में अखिलेश यादव की नजर पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों को एकजुट करने पर है.

MORE NEWS

Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > अखिलेश यादव ने रिलीज किया अपना ‘PDA पंचांग’, जानिए इसमें क्या है खास? यूपी चुनाव अभी दूर फिर? क्या है इसका यूपी चुनाव रणनीति से कनेक्शन?

अखिलेश यादव ने रिलीज किया अपना ‘PDA पंचांग’, जानिए इसमें क्या है खास? यूपी चुनाव अभी दूर फिर? क्या है इसका यूपी चुनाव रणनीति से कनेक्शन?

PDA Panchang: समाजवादी पार्टी ने नए साल 2026 की शुरुआत PDA पंचांग के साथ की है. इसमें PDA समाज से जुड़े महामहापुरुषों की जयंती, पुण्यतिथि, सामाजिक आंदोलनों के महत्वपूर्ण दिन और राष्ट्रीय पर्व शामिल हैं. इसे यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर भी देखा जा रहा है.

Written By: JP YADAV
Last Updated: January 6, 2026 15:50:22 IST

Mobile Ads 1x1

PDA Panchang: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटे समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार पिछड़ा अल्पसंख्यक दलित (PDA) को लेकर बड़ा खेल खेला है. अखिलेश यादव ने PDA पंचांग जारी कर इशारा किया है कि 2027 में समाजवादी पार्टी पीडीए पर दांव खेलेगी. अखिलेश यादव पीडीए के जरिये ही लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को पटखनी देते हुए अच्छी खासी सीटें हासिल कर चुके हैं. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के लिए समाजवादी पार्टी कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा. बताया जा रहा है कि पंचांग जारी करके यूपी में कमजोर पड़ी बहुजन समाज पार्टी के वोटबैंक पर अखिलेश यादव ने नजरें टिका दी हैं. 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी एक बार फिर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में जुट गई है. इसी के मद्देनजर पीडीए का पंचांग जारी किया गया है.

क्या है पीडीए पंचांग में

पीडीए पंचांग में पिछड़ा, अल्पसंख्यक और दलित समाज से जुड़े महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथियों को विशेष तौर पर शामिल किया गया है. इसके साथ ही पीडीए पंचांग में धार्मिक पंचांगों की तरह दीवाली, होली समेत अन्य त्योहार और अमावस्या और पूर्णिमा की तिथियों की जानकारी दी गई है. इसके साथ ही इस पंचांग में राष्ट्रीय पर्वों, ऐतिहासिक दिवसों और सामाजिक आंदोलनों से संबंधित अहम दिन भी शामिल किए गए हैं.

पंचांग को लेकर क्या है समाजवादी पार्टी की राय

पीडीए पंचांग को लेकर समाजवादी पार्टी का कहना है कि समाज को अपने नायकों को याद करने और उनके विचारों से प्रेरणा लेने का अवसर देगा. अखिलेश यादव का कहना है कि पीडीए समाज की एकता, चेतना और अधिकारों की लड़ाई समाजवादी आंदोलन की आत्मा रही है. ऐसे में पीडीए पंचांग समाज को उसके महापुरुषों, उनके विचारों और संघर्षों से जोड़ने का काम करेगा. उन्होंने कहा कि इस पंचांग में समाजवादी और बहुजन आंदोलन से जुड़े महापुरुषों के जीवन, योगदान और संघर्षों को भी जगह दी गई है.

अखिलेश यादव की नजर दलित वोट बैंक पर

 यहां पर बता दें कि 2024 लोकसभा चुनावों में SP को बहुत अच्छी जीत मिली थी. भारतीय जनता पार्टी को आधी सीटों पर समेट दिया था. ऐसे में 2027 के लिए अभी से समाजवादी पार्टी जमीन तैयार कर रही है. जहां SP और कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया तो वहीं बहुजन समाज पार्टी शून्य पर सिमट गई. ऐसे में अखिलेश यादव की नजर पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों को एकजुट करने पर है.

MORE NEWS