PM Modi On Congress: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है. पीएम ने कांग्रेस पर संसद को बाधित करने, अपने ही सहयोगियों का नुकसान करने और देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया. उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे कांग्रेस की गलतियों को ‘विपक्ष’ के नाम पर न छिपाएं. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी पुरानी पार्टी के नेता आत्मचिंतन करने के बजाय बेशर्मी से देश का अपमान करने वालों का साथ दे रहे हैं. उन्होंने कहा ‘कांग्रेस खुद संसद में प्रदर्शन नहीं कर पा रही है और दूसरों को भी बोलने का मौका नहीं दे रही. कांग्रेस की इन हरकतों का सबसे ज्यादा नुकसान उसके साथी दलों को हो रहा है. दिल्ली की हालिया घटनाओं ने उनके सहयोगियों को भी चौंका दिया है.
‘कांग्रेस को बचाना बंद करें’
पीएम मोदी ने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब भी कांग्रेस कोई गलती करती है, तो हेडलाइन में ‘विपक्ष’ शब्द का इस्तेमाल कर उसे बचा लिया जाता है. पाप कांग्रेस करती है और बदनामी पूरे विपक्ष की होती है. मीडिया ‘विपक्ष को धो डाला’ जैसी हेडलाइन बनाकर कांग्रेस को सुधारने का मौका छीन रहा है. अब समय आ गया है कि दोष के लिए सीधे कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया जाए.’
विपक्षी दलों की सराहना
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की हालिया घटनाओं में TMC, DMK, BSP या फारूक अब्दुल्ला की पार्टी जैसे दलों का कोई हाथ नहीं था. उन्होंने उन विपक्षी दलों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने कांग्रेस की गलतियों की आलोचना करने की हिम्मत दिखाई. पीएम ने कहा कि ये दल अब समझ चुके हैं कि कांग्रेस की वजह से उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
‘महिला कार्ड’ पर कटाक्ष
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी जनता का दिल जीतकर हासिल की जाती है, न कि महिला सांसदों को आगे करके सीटों पर कब्जा करने से. उन्होंने इसे कांग्रेस की ‘खोखली राजनीति’ करार दिया.
नमो भारत और मेट्रो रेल को लेकर PM मोदी ने क्या कहा
PM मोदी ने कहा ‘देश में ये पहली बार हो रहा है. जब एक ही स्टेशन, एक ही ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो रेल चलेगी. यानी एक ही प्लेटफॉर्म से आप शहर के भीतर भी यात्रा कर पाएंगे और उसी स्टेशन से सीधे दिल्ली भी आ-जा सकते हैं. PM मोदी ने यह भी कहा हमारी कार्यसंस्कृति ये है कि जिस काम का शिलान्यास किया जाए, उसे पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया जाए. इसलिए अब परियोजनाएं पहले की तरह लटकती, भटकती नहीं हैं. नमो भारत हो या मेट्रो सेवा… दोनों का शिलान्यास करने का अवसर मुझे ही मिला था. और आज मुझे ही इनके लोकार्पण का भी सौभाग्य मिला है.