Avimukteshwaranand Saraswati : प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है. प्रशासन की तरफ से उनके शंकराचार्य होने का सबूत मांगा गया था. इस मामले पर अविमुक्तेश्वरानंद ने भी इसका कड़ा जवाब दिया है.
क्या है पूरा मामला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मेला प्राधिकरण की तरफ से मंगलवार को नोटिस भेजा गया था. नोटिस में कहा गया था कि आप कैसे खुद को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं. जबकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है. वहीं अब इस नोटिस को जवाब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से दिया गया है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि शंकराचार्य वही होता है, जिसे शेष तीन पीठों के शंकराचार्य मान्यता देते हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से इस नोटिस का आठ पन्नों में जवाब दिया गया है.
यह जवाब मेला प्राधिकरण की MailID से लेकर सेक्टर-4 में बने मेला प्राधिकरण के दफ्तर को भी भेज दिया गया है. जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की टीम में मेला प्रशासन को नोटिस देने गई थी तब कोई भी जिम्मेदार अफसर नोटिक का जवाब लेने के लिए नहीं मिला. इसके बाद गेट पर ही जवाब चिपका दिया गया.






गलत एफिडेविट देकर ऑर्डर लिया गया
पीएन मिश्रा ने कहा है कि वासुदवानंद ने गलत एफिडेविट देकर ऑडर लिया था. जस पर अब याचिका फाइज की जा चुकी है. नोटिस का जवाब दिया जा चुका है. जिन अधिकारियों ने नोटिस के जरिए यह भ्रम खड़ा किया उनपर कार्रवाई की जाएगी.