SDM Jyoti-Alok Maurya: उत्तर प्रदेश की मशहूर और अक्सर चर्चाओं में रहीं SDM ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य के बीच अब सुलह हो गई है. ये कपल जो अक्सर सोशल मीडिया और कानूनी हलकों में चर्चाओं में रहा है, उसने अपने बीच आई दरार को भुलाकर एक नई शुरुआत करने का फैसला लिया है. जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच सुलह हो गई है, और अब वो अपनी दो बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए एक ही छत के नीचे रहने के लिए भी राजी हैं.
फिर एक छत के नीचे रहेंगे दोनों
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्योति मौर्य और आलोक मौर्य के बीच का विवाद हद से ज्यादा सुर्ख़ियों में रहा है. इतना ही नहीं इनके बीच हुए विवाद को लेकर लोगों का कहना था कि ये किसी फिल्मीं ड्रामे से कम नहीं है. इतना ही नहीं इनको लेकर सोशल मीडिया पर मजाक भी उड़ने लगा था. आपसी आरोपों और कानूनी लड़ाइयों के दौर के बाद, दोनों को एहसास हुआ कि उनके झगड़ों का उनकी जुड़वां बेटियों की ज़िंदगी पर बुरा असर पड़ रहा है. अपने बच्चों के करियर और मानसिक सेहत को ध्यान में रखते हुए, इस जोड़े ने अदालत के बाहर ही समझौता करने का फैसला किया. अब, जब भी ज्योति मौर्य अपनी सरकारी ड्यूटी पूरी करके घर लौटती हैं, तो पूरा परिवार प्रयागराज में एक साथ रहता है.
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आखिर कैसे बनी थी नफरत की दीवार
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्योति और आलोक ने 2010 में शादी की थी. वहीं आलोक ने अपनी पत्नी ज्योति की पढ़ाई में पूरा साथ दिया, जिसके बाद 2015 में, ज्योति ने PCS परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल की. विवाद तब शुरू हुआ जब आलोक ने ज्योति पर होम गार्ड कमांडेंट मनीष दुबे के साथ अवैध संबंध रखने और उन्हें जान से मारने की साज़िश रचने का आरोप लगाया. जिसके चलते, ज्योति ने आलोक पर आरोप लगाए, जिसमें उन पर धोखाधड़ी, यानी शादी के समय खुद को सरकारी अधिकारी के तौर पर गलत तरीके से पेश करना और दहेज उत्पीड़न का आरोप शामिल था. यह मामला आखिरकार कोर्ट तक पहुँच गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके साथ “ठुकरा के मेरा प्यार” जैसे डायलॉग भी खूब वायरल हुए. और तो और इस झगड़े की तुलना फिल्म सूर्यवंशम से की जाने लगी थी.
नई जिंदगी की शुरूआत
आपसी कलेश की एक लंबी जंग के बाद, अब ये कहानी एक सुखद अंत की तरफ बढ़ चली है. दोनों पति-पत्नी ने मीडिया से दूरी बना ली है और अपनी निजी ज़िंदगी शांति से जीना शुरू कर दी है. वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आलोक मौर्य ‘पुरुष आयोग’ के गठन की अपनी माँग को लेकर अभी भी अटके हुए हैं लेकिन, अब उनका पूरा ध्यान अपने परिवार और अपने करियर को लेकर, दोनों ही अब दुबारा से अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करना चाहते हैं.
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