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Up Election: दो राज्यों के सीएम, पीएम बनने से चूके, 89 की उम्र में शादी… नारायण दत्त तिवारी के अनकहे राज़

Narayan Datt Tiwari Biography: नारायण दत्त एक ऐसे राजनेता थें, जिन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री के रूप में काम किया. इतना ही नहीं वह एक बार प्रधानमंत्री बनने से भी चूक गए थे. लेकिन उनकी निजी जिंदगी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटौरी, जिसमें से एक था 89 की उम्र में शादी करना.

UP Assembly Election 2027: नारायण दत्त तिवारी एक कद्दावर भारतीय राजनेता थे, जो उत्तर प्रदेश (तीन बार) और नवगठित उत्तराखंड (2002–2007) दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने के लिए जाने जाते थे. कांग्रेस के एक अनुभवी नेता के तौर पर, वे अपनी प्रशासनिक सूझ-बूझ, उत्तर प्रदेश में औद्योगीकरण के प्रयासों और उत्तराखंड के शुरुआती वर्षों को संभालने के लिए विख्यात थे; हालांकि, उनके राजनीतिक जीवन का बाद का दौर विवादों से घिरा रहा.
पांच दशक के लंबे कार्यकाल में वह एक बार प्रधानमंत्री बनते-बनते रह गए थे. इतना ही नहीं उनका निजी जीवन भी काफी विवादों में रहा जब उनके बेटे ने DNA टेस्ट द्वारा यह साबित किया कि तिवारी ही उनके पिता है, आंध्र प्रदेश के गवर्नर के तौर पर उनका विवाद और 89 की उम्र में शादी करना काफी चर्चा का विषय बना. ऐसे में चलिए उनके जीवन पर थोड़ा प्रकाश डालें.

राजनीतिक जुड़ाव

राजनीति में अपने लंबे सफ़र के ज़्यादातर समय तिवारी कांग्रेस के सदस्य रहे; वे 1963 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए थे. तिवारी ने 1968 में जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय युवा केंद्र (JNNYC) नाम का एक स्वयंसेवी संगठन बनाया. वे भारतीय युवा कांग्रेस के पहले अध्यक्ष बने; इस पद पर वे 1969 से 1971 तक रहे. 1994 में, उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अपने साथी दिग्गज नेता अर्जुन सिंह के साथ मिलकर अपनी खुद की पार्टी (तिवारी कांग्रेस) बनाई, लेकिन 1998 में जब सोनिया गांधी ने पार्टी की कमान संभाली, तो वे फिर से कांग्रेस में लौट आए.

दो राज्यों के सीएम बनें

नारायण दत्त तिवारी का राजनीतिक सफ़र लगभग पांच दशकों तक चला. तिवारी के नाम एक ऐसी उपलब्धि है, जिसकी भारतीय राजनीति में शायद ही कोई मिसाल हो. उन्होंने दो अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया. तिवारी ने 1976–77, 1984 और 1988–89 के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में, और 2002 से 2007 तक उत्तराखंड के तीसरे मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं.
1986–87 में, एन.डी. तिवारी ने राजीव गांधी की सरकार में विदेश मंत्री के तौर पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने केंद्र में कई अन्य मंत्रालयों का प्रभार भी संभाला. 2007 से 2009 तक, उन्होंने आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं.

उत्तराखंड राज्य बनाने के पक्ष में नहीं थें नारायण दत्त

एक बार नारायण दत्त तिवारी ने कहा था कि उत्तराखंड मेरी लाश पर बनेगा, वह उत्तराखंड राज्य बनाने के पक्ष में बिल्कूल भी नहीं थे. लेकिन कुदरत का खेल भी निरला है, जिसने इस राज्य के बनने का विरोध किया था वहीं इस राज्य के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री भी बने.
तिवारी उत्तर प्रदेश के बंटवारे के पक्ष में नहीं थे यह वही राज्य था जिस पर उन्होंने तीन बार मुख्यमंत्री के तौर पर राज किया था. उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में कभी हिस्सा नहीं लिया, जो एक अलग पहाड़ी राज्य की मांग कर रहा था, और फिर भी, किस्मत ने उन्हें दो राज्यों का मुख्यमंत्री बनने का गौरव दिलाया.

प्रधानमंत्री बनने से चूक गए

1990 के दशक की शुरुआत में तिवारी प्रधानमंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जाते थे. लेकिन परिस्थितियों और राजनीतिक समीकरणों ने करवट ली और यह पद अंततः पी. वी. नरसिंह राव को मिला. बताया जाता है कि लोकसभा चुनाव में बेहद कम अंतर से हार ने भी उनके प्रधानमंत्री बनने की राह मुश्किल कर दी.

89 की उम्र में रचाई शादी

नारायण दत्त तिवारी राजनीति के साथ-साथ अपने निजी जीवन के लिए भी काफी सुर्खियों में थें. शायद वे एकमात्र ऐसे राजनेता थे जिन्होंने यह स्वीकार किया कि शादी के बाहर उनका एक बेटा है. रोहित शेखर ने 2008 में पितृत्व का दावा करते हुए एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि तिवारी उनके जैविक पिता हैं; 2012 में हुए DNA टेस्ट से इस बात की पुष्टि भी हो गई. तिवारी ने 2014 में इस बात को स्वीकार कर लिया. यह वही साल था जब तिवारी ने 89 साल की उम्र में रोहित की मां, उज्ज्वला शर्मा से दूसरी शादी की थी. उनकी पहली पत्नी, सुशीला तिवारी का निधन 1991 में हो गया था.
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

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