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UP Blackout Mock Drill: उत्तर प्रदेश में आज शाम 6 बजे घरों की सारी बत्तियां बुझ गईं. चारों ओर अंधेरा छा गया. जैसे ही घड़ी में 6 बजे, अचानक लाइटें चली गईं और सब कुछ अंधेरे में डूब गया. सायरन भी बजने लगे. बिजली जाने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलकर छतों पर आ गए. तो वहीं कुछ लोग सायरन की आवाज से कन्फ्यूज हो गए. यह स्थिति 10 मिनट तक रही. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि यह पूरा मामला क्या है और ऐसा क्यों हुआ?
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, यूपी सरकार ने आज कुछ जिलों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का एलान किया था, जिसके तहत जिले के कलेक्ट्रेट, बाजारों और रिहायशी इलाकों में अंधेरा छा गया और सायरन की आवाज़ सुनाई देने लगी. इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने कड़ी निगरानी रखी. कहीं भी लाइटें नहीं दिख रही थीं. लोगों को अपने घरों के अंदर रहने का निर्देश दिया गया था. प्रशासन ने मोबाइल फ्लैश, टॉर्च और धूम्रपान पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी. चौराहों पर ट्रैफिक पूरी तरह से रोक दिया गया था. सिर्फ पुलिसकर्मी ही दिख रहे थे. सिविल डिफेंस और इमरजेंसी सेवाएं हाई अलर्ट पर थीं.
इस बीच, फायर ब्रिगेड टीम ने भी भविष्य में किसी संकट की स्थिति में आग से निपटने और उसे जल्दी बुझाने का अभ्यास करने के लिए कई जगहों पर आग लगाकर मॉक ड्रिल की. इस ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और स्टाफ मौजूद था. फायर टीम ने बरेली के कई इलाकों में ऐसी मॉक ड्रिल की.
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल क्या है?
ब्लैकआउट एक ऐसी स्थिति है जहाँ किसी इलाके की बिजली सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी जाती है, जिससे लोग अंधेरे में डूब जाते हैं. यह टेक्निकल खराबी, प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से हो सकता है. ब्लैकआउट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए और आपदाओं या युद्ध के समय नागरिकों की जान और माल की रक्षा के लिए भी लागू किए जाते हैं, जैसे दुश्मन के हवाई या ड्रोन हमलों से बचाने के लिए रात में किसी शहर/इलाके की पहचान छिपाना, और एक रणनीतिक सावधानी के तौर पर.
सीएम योगी ने लखनऊ में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल देखी
राजधानी लखनऊ में शाम 6:00 बजे 10 मिनट के लिए ब्लैकआउट, यानी पूरी तरह से बिजली कटौती लागू की गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पुलिस लाइंस में हुई मॉक ड्रिल में मौजूद थे. अभ्यास कर रही टीमों ने अलर्ट सायरन बजाया, जिससे सभी को नीचे लेटने का संकेत मिला. संकेत सुनते ही सभी ने तुरंत इसका पालन किया. हेल्थ डिपार्टमेंट की एक टीम, एम्बुलेंस के साथ मौके पर मौजूद थी. SDRF और NDRF की टीमें भी मौजूद थीं.