सदन में भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों का व्यवहार नहीं था ठीक
‘परसेप्शन’ और कानून व्यवस्था पर ज़ोर
राज्यपाल के भाषण का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की कोशिशों से 6 करोड़ से ज़्यादा लोग मल्टीडाइमेंशनल गरीबी से बाहर निकले हैं. यह डेटा नीति आयोग पर आधारित है. उन्होंने साफ़ किया कि गरीबी से बाहर निकलने का मतलब यह नहीं है कि बेनिफिशियरी दूसरी स्कीमों से वंचित रह जाएँगे. राशन, हेल्थ, घर, पेंशन और दूसरे फ़ायदे मिलते रहेंगे. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को पक्का घर दिया जा रहा है. आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस दिया जा रहा है. मुफ़्त राशन मिलना जारी है. बुज़ुर्गों, बेसहारा और दिव्यांगों को ₹12,000 सालाना पेंशन दी जा रही है. इन स्कीमों का मकसद समाज के आखिरी आदमी तक विकास का फ़ायदा पहुँचाना है.