जब हम अपने क्षेत्र के विधायक का काफिला निकलते देखते हैं, तो मन में एक ही सवाल आता है, सफेद कुर्ते और सुरक्षा घेरे के पीछे की असली ‘पावर’ क्या है? विधायक होना सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि सुविधाओं और अधिकारों के एक ऐसे संसार में कदम रखना है, जिसकी कल्पना एक आम आदमी शायद ही कर पाए. लखनऊ के पॉश बंगलों से लेकर मुफ्त हवाई सफर और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन तक, एक जन-प्रतिनिधि की लाइफस्टाइल के मायने पूरी तरह बदल चुके हैं. आखिर विधायक जी के रसूख, उनके क्षेत्र के विकास फंड और इन खास सरकारी फायदों का पूरा गणित क्या है? आइए, आज विधायक जी की डायरी के उन पन्नों को पलटते हैं जो अब तक आपसे छिपे थे. शायद आप नहीं जानते होंगे…
यूपी के MLA की सैलरी और भत्ता
MLA को चुनाव क्षेत्र भत्ता ₹75,000 प्रति महीना (पहले ₹50,000) मिलता है. इसके अलावा, MLA को सेक्रेटरी अलाउंस के तौर पर ₹30,000 प्रति महीना मिलता है. इसके अलावा, मेडिकल अलाउंस ₹45,000 प्रति महीना है. MLAs को डेली अलाउंस मिलते हैं. जब हाउस (असेंबली) या कोई कमेटी सेशन में होती है तो यह अलाउंस बढ़कर ₹2,500 हो जाता है. जिन दिनों हाउस सेशन में नहीं होता, उन दिनों पब्लिक सर्विस के लिए डेली अलाउंस 2,000 है. इसके अलावा, टेलीफ़ोन अलाउंस अब 9,000 हर महीने है. MLA को रेलवे कूपन/ट्रैवल अलाउंस भी मिलता है. हर MLA को ₹500,000 (5 लाख) का रेलवे कूपन मिलता है, यह कूपन पूरी तरह से कन्वर्टिबल है, यानी इसका इस्तेमाल रेल के अलावा दूसरी यात्राओं (जैसे हवाई यात्रा) या दूसरे खर्चों के लिए किया जा सकता है.
पूर्व MLA को पेंशन मिलती है
पूर्व MLA के लिए मिनिमम पेंशन बढ़ाकर ₹35,000 हर महीने है. फ़ैमिली पेंशन (अगर MLA के पति/पत्नी या बच्चे नहीं हैं) भी 30,000 हर महीने है. इसके अलावा, पूर्व MLA को रेलवे कूपन के ज़रिए भी फ़ायदे मिलते हैं, जिससे उन्हें हर साल ₹1.5 लाख तक के रेलवे कूपन मिल सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कूपन का एक हिस्सा रेल/हवाई यात्रा और एक हिस्सा पर्सनल गाड़ियों (पेट्रोल/डीज़ल) के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.