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UP Scholarship Online Apply: उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है, जो छात्र किसी वजह से स्कॉलरशिप और फीस वापसी योजना का लाभ नहीं उठा पाए थे, वो फिर से अप्लाई कर सकते हैं. जी हां, सही सुना आपने दरअसल यूपी सरकार ने इन छूटे हुए छात्रों के लिए पोर्टल को फिर से खोलने का फैसला किया है.
सरकार का समाज कल्याण विभाग जल्द ही 2025-26 के एकेडमिक सेशन के लिए पोर्टल को फिर से खोलेगा, जिससे सभी छात्र दोबारा अप्लाई कर सकेंगे और स्कॉलरशिप का लाभ उठा सकेंगे. ये लाभ सामान्य, SC और ST कैटेगरी के छात्रों को दिए जाएंगे. विभाग का मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी काबिल छात्र सिर्फ़ तकनीकी गड़बड़ियों या दूसरे प्रशासनिक कारणों से स्कॉलरशिप से वंचित न रहे.
किसे मिलेगा लाभ?
पिछले साल, सभी कैटेगरी के कुल 6.2 मिलियन छात्रों को इस योजना के तहत लाभ मिला था. मौजूदा साल (2025-26) के लिए, 6.5 मिलियन छात्रों को पहले ही लाभ दिया जा चुका है. अब बाकी बचे छात्रों को भी ये लाभ देने की तैयारी चल रही है. इस पहल का मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी काबिल छात्र सिर्फ़ तकनीकी दिक्कतों या दूसरे प्रशासनिक रुकावटों की वजह से स्कॉलरशिप योजना से बाहर न रह जाए. सामान्य, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) कैटेगरी के छात्रों के अलावा, ट्रांसजेंडर समुदाय के छात्र भी इस योजना के लाभ के हकदार होंगे, जो सामाजिक समावेश की दिशा में एक अहम कदम है.
समाज कल्याण राज्य मंत्री का बयान
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सभी को बराबर मौके देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि शिक्षा का लाभ हर ज़रूरतमंद छात्र तक पहुंचे, और किसी भी छात्र को आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने के लिए विवश न होना पड़े. योगी सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा क्षेत्र में समावेशी विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी एक अहम भूमिका निभाएगी. परिणामस्वरूप, हज़ारों छात्रों को अपनी शिक्षा जारी रखने का अवसर प्राप्त होगा, जिससे उनका भविष्य और भी अधिक सुदृढ़ होगा.
पिछले साल 53,000 से ज़्यादा छात्रों को मिला लाभ
समाज कल्याण विभाग के मुताबिक, पिछले फाइनेंशियल ईयर (2024-25) में भी इसी तरह की एक पहल की गई थी, जिसमें आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पोर्टल को फिर से खोला गया था. इस प्रक्रिया के ज़रिए, 53,041 छात्रों को कुल ₹81.12 करोड़ की स्कॉलरशिप और फीस वापसी दी गई थी. खास तौर पर, अनुसूचित जाति कैटेगरी के 25,395 छात्रों को ₹30.65 करोड़ की फाइनेंशियल मदद मिली, जबकि सामान्य कैटेगरी के 27,646 छात्रों को ₹50.47 करोड़ दिए गए.