UP SIR Draft Voter List 2026: आज उत्तर प्रदेश के वोटरों के लिए एक अहम दिन है. चुनावी लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के पूरा होने के बाद चुनाव आयोग मंगलवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा. इस लिस्ट में साफ तौर पर पता चलेगा कि किसका नाम वोटर लिस्ट में है और किसे दावा या आपत्ति दर्ज करानी है. चुनाव आयोग लखनऊ में दोपहर 3 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा, जहां मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा रिवीजन प्रक्रिया से जुड़ा विस्तृत डेटा शेयर करेंगे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, लगभग 28.9 मिलियन वोटरों के नाम लिस्ट से हटाए जा सकते हैं. इसलिए, वोटरों के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि ड्राफ्ट लिस्ट जारी होते ही वे अपना स्टेटस चेक कर लें.
निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है, क्योंकि यह फाइनल लिस्ट जारी होने से पहले गलतियों, डुप्लीकेट एंट्री और अयोग्य वोटरों की पहचान करने में मदद करती है. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट फाइनल वोटर लिस्ट से पहले जारी की गई एक अस्थायी चुनावी लिस्ट है. इसका मकसद वोटरों को अपने डिटेल्स वेरिफाई करने और किसी भी गलती की रिपोर्ट करने का मौका देना है. अगर किसी वोटर का नाम गायब है या डिटेल्स गलत हैं, तो वे दी गई अवधि के दौरान दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. इन मुद्दों को सुलझाने के बाद ही चुनाव आयोग फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित करता है, जिसका इस्तेमाल चुनावों के लिए किया जाता है.
लिस्ट से इतने सारे नाम क्यों हटाए गए?
चुनाव आयोग के अनुसार, कई कारणों से वोटरों के नाम हटाए गए हैं. इनमें ये वजह शामिल हैं:
- जिन वोटरों की मृत्यु हो गई है.
- जो वोटर स्थायी रूप से दूसरे जिले या राज्य में चले गए हैं.
- डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन, जहां एक वोटर का नाम एक से ज़्यादा जगहों पर था.
- जिन वोटरों ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया.
- लंबे समय से अनुपस्थित वोटर जिनके पते वेरिफाई नहीं हो सके.
- आयोग का कहना है कि सटीक और गलती रहित वोटर लिस्ट बनाए रखने के लिए ये कदम ज़रूरी थे.
मैपिंग पूरी नहीं होने पर नोटिस जारी होंगे
SIR प्रक्रिया के दौरान, लगभग 10 मिलियन वोटरों की मैपिंग पूरी नहीं हो पाई. इन वोटरों को उनके संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) से नोटिस मिलेंगे. नोटिस मिलने के बाद वोटरों को तय समय सीमा के अंदर पहचान और पते से जुड़े डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे. चुनाव आयोग ने वेरिफिकेशन के लिए 12 वैध डॉक्यूमेंट मंज़ूर किए हैं. अगर डॉक्यूमेंट सही पाए जाते हैं तो वोटर का नाम लिस्ट में वापस जोड़ दिया जाएगा. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के साथ ही दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाएगी. इस बार ड्राफ्ट लिस्ट सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगी. इसे CEO और संबंधित DEO की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा. चुनाव आयोग ने निम्नलिखित शेड्यूल की घोषणा की है:
- दावे और आपत्तियां: आज से 6 फरवरी तक
- दावों और आपत्तियों का निपटारा: 7 फरवरी से 27 फरवरी तक
- अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन: 6 मार्च
- अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि हर दावे और आपत्ति की निष्पक्ष जांच की जाएगी.
डिटेल्स चेक कर सकेंगे वोटर्स
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद वोटर चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी डिटेल्स चेक कर सकते हैं. नाम, जिला, विधानसभा क्षेत्र, या पोलिंग स्टेशन जैसी बेसिक जानकारी डालकर, वोटर आसानी से अपना स्टेटस जान सकते हैं. अगर कोई नाम गायब है या डिटेल्स गलत हैं, तो वोटर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से शिकायतें दर्ज करा सकते हैं. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि आज की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट फाइनल नहीं है. सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा होने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट 6 मार्च को जारी की जाएगी. यह लिस्ट उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों का आधार होगी. आयोग ने सभी वोटरों से अपील की है कि वे बिना किसी देरी के अपने नाम चेक करें ताकि उन्हें वोट देने के अधिकार से वंचित न किया जाए..